महबूब ए सुब्हानी मस्जिद अभी भी विवादों के घेरे में, कश्मकश से गुज़र रही है धारावी की आवाम

अनुराग लक्ष्य, 24 सितंबर

सलीम बस्तवी अज़ीज़ी

मुम्बई संवाददाता ।

आम ज़िंदगी में यूं तो समस्याएं आती और जाती रहती हैं, लेकिन जब मामला किसी धार्मिक स्थल मंदिर या मस्जिद का होता है तो इंसान के दिलों का सुकून छिन ही जाता है।

21 सितंबर को बीएमसी जब मस्जिद के अनाधिकृत हिस्से को जब डिमोलिश करने आई थी तो मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा हिस्सा मस्जिद की सुरक्षा में सड़कों पर उतर आया था, साथ ही हालात कुछ ठीक नज़र नहीं आ रहे थे। इस स्थिति से निपटने के लिए मस्जिद के टरस्ट्यान कुछ राजनैतिक और पुलिस के आला अधिकारियों के बीच जो बात चीत का हल निकाला था वो यह था की मस्जिद के पदाधिकारियों को आठ दिन का समय दिया जाता है। यदि इन आठ दिनों में अगर मस्जिद के ज़िम्मेदार लोग खुद इस समस्या को निपटा देंगे तो ठीक है। और यदि इन आठ दिनों में मस्जिद के अनाधिकृत हिस्से को मस्जिद के पदाधिकारियों द्वारा हटा दिया गया तो ठीक है, नहीं तो बीएमसी अपनी कार्यवाही को करने का अधिकार है। इसका सीधा सा मतलब तो यही होता है कि आने वाली 29 सितंबर को धारावी में वोह पूर्व वातावरण फिर दिखाई दे सकता है।

ऐसे आलम में शाशन और प्रशासन क्या करेगा, कैसे इस समस्या का हल निकलेगा, कैसे धारावी की आवाम इस कश्मकश से उबरेगी। यह एक बड़ा सवाल है। आने वाली 29 तारीख के लिए, जिससे जनता में एक कश्मकश सी बनी हुई है।