सायन रेलवे स्टेशन पूरी तरह टेंपो स्टैंड में तब्दील, यातायात बाधित,,,,,

अनुराग लक्ष्य, सितंबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
सायन रेलवे स्टेशन रोड का डाइवर्जन जबसे हुआ है, तब से राहगीरों को जिस मुसीबत और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उसे शब्दों में व्यक्त कर पाना मुश्किल है। यातायात इस तरह अ वेवस्थित हो गया है कि राह चलना और रेलवे स्टेशन का ब्रिज पार करना मुश्किल हो गया है।
रेलवे स्टेशन पूरी तरह टेंपो स्टैंड में तब्दील हो चुका है। खास बात यह है कि रेलवे स्टेशन के ठीक सामने पुलिस चौकी है, और ट्रैफिक पुलिस भी, लेकिन इस समस्या से बिल्कुल बेखबर ।
टेंपो इतनी ज्यादा तादाद में हैं कि कुर्ला डिपो और धारावी डिपो से आने वाली और गुजरने वाली बसें बड़ी मुश्किल से उस तिराहे को पार कर पाती हैं। पूरी सड़क का तिराहा टैंपो से 24 घंटे घिरा और भरा रहता है।
स्टेशन के सामने का बृज पूरी तरह बंद हो जाने की वजह रोज़ मर्रा के गुजरने वाले यात्रियों और राहगीरों को उछल कूदकर इधर उधर से अपना रास्ता निकालकर सायन सिग्नल की तरफ जाना पड़ता है।
आपको बताते चलें कि इससे पहले भी मैंने अपनी रिपोर्टिंग में कई बार डाइवर्जन से आने वाली समस्याओं को अनुराग लक्ष्य के माध्यम से इन तमाम परेशानियों और हो रही दिक्कतों का जिक्र कर चुका हूं। लेकिन अभी तक प्रशासन और रेलवे विभाग अभी तक इसका कोई ठीक समाधान नहीं निकाल सका।
अब प्रश्न यह उठता है कि इस तरह की परेशानियों और रोज़ बढ़ती दिक्कतों से यात्रियों और राहगीरों को कब निजात मिलेगी। सूत्रों की मानें तो इस डाइवर्जन से निजात तब तक नहीं मिल सकता, जब तक ब्रिज निर्माण पूरा नहीं हो जाता। जो 2026 तक पूरा होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। ट्रैफिक पुलिस इस बढ़ते टैंपो के काफिले को क्यों नहीं रोक पा रही है। यह अब तक का सबसे अहम सवाल है। जिसका अभी तक तो कोई सही उत्तर नहीं मिल पा रहा है।