

अनुराग लक्ष्य, 19 अगस्त
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता।
इतिहास साक्षी है, त्वारीख शाहिद है कि जब जब इस देश में नारियों के साथ उनकी आबरू और इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ हुआ है। तब तब जनमानस में आक्रोश पनपा है और ऐसे कुकिरित्व करने वालों को समाज ने आइना भी दिखाया है।
कोलकाता की घटना को लेकर महाराष्ट्र राज्य में डॉक्टरों की अनिश्चित कालीन हड़ताल रवि वार के दिन भी जारी रही। जिससे सरकारी चिकित्सालयों में स्वस्थ सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इस वजह से विरोध प्रदर्शन के कारण पूर्व नियोजित सर्जरी और प्रयोगशाला परकिर्याएं जैसी वैकल्पिक स्वायें परभावित हो रही हैं। लेकिन शुक्र है कि आपातकालीन चिकित्सा संबंधी सेवाएं प्रदान की जा रही है।
आपको बताते चलें कि यह हड़ताल उस समय सामने आई, जब पिछले दिनों कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज की एक स्नातकोत्तर महिला परशिच्छु डॉक्टर के दुष्कर्मवका मामला सामने आया । इसी घटना के कारण विरोध प्रदर्शन के साथ महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरो ने उक्त महिला के हक की लड़ाई लड़ने के लिए मंगलवार से ही अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं।
इसका भी अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर इस जघन्य अपराध का कोई सार्थक परिणाम घोषित नहीं होता है तो यह हड़ताल और भी ज्यादा दिनों तक चल सकती है।