रतलाम अप्रैल सेलना का देवरंडा गांव, यहां के लोग दो दिन से घरों में कैद हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। महिलांए और बच्चे खिड़की से झांक रहे हैं। तेंदुए का डर ऐसा है कि फॉरेस्ट डिपार्टमेँअ के अफसरों ने सभी को घरों में अंदर रहने के लिए कहा है। अफसर समझा रहे हैं कि शाम को बच्चों का ध्यान रखना। अकेला बाहर मत छोडऩा। बच्चे कह रहे ोि कि पाँच शेर थे। तीन छोटे बच्चे भी साथ में थे। तेंदुए ने आठ बकरे-बकरियों का शिकार किया था। बचाने आए ग्रामीण पर भी हमला करने की कोशिश की। जैसे-तैसे उसने जान बचाई। ये मंजर प्रत्यक्षदर्शियों की नजरों के सामने तैर रहा है। यहां घरों के दरवाजे बंद हैं। डर के साए में माता-पिता मजदूरी पर जा रहे हैं। तेंदुए ने जिस घर के बाहर हमला बोला था, वहां भी ताला जड़ा था। मकान मालिक सुरेश दो छोटे बच्चों के साथ नजर आए। उनके चेहरों पर दहशत साफ नजर आ रही थी। एक छात्रा ने कहा, तेंदुआ मेरे सामने बकरियां खा गया। डर है कि वह हमें न खा जाए।