सुअर, चूहा, मच्छर व जलजनित बीमारियों से सुरक्षित होंगे जनपदवासी
मच्छरों से बचाव के लिए गांव गांव होगा एंटी लार्वा का छिड़काव
01 से 30 अप्रैल तक संचालित होगा अभियान
बहराइच 20 मार्च। संचारी रोगों व दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपद में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचालित किया जायेगा। जनपद में अभियान की सफलता के लिए मंगलवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें 11 विभागों सहित सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मोनिका रानी ने सभी सम्बंधित विभागों को निर्देशित किया कि आपसी सहयोग से आबादी वाले क्षेत्रों में घरों के आस-पास झड़ियों की साफ़-सफाई, नालियों को ढकने, शौचालय का उपयोग, कचरा निस्तारण, सुअर बाड़ों को आबादी से दूर रखने, घर के चूहों को भागने, जल भराव रोकने तथा शुद्ध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करेंगे। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें नष्ट करने हेतु बीडीओ को सभी ग्राम पंचायतों में एंटी लार्वा व फागिंग सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। डीएम ने कहा कि चुनाव के दृष्टिगत मतदान स्थलों व उसके आस पास भी साफ सफाई व एंटी लार्वा का छिड़काव अवश्य किया जाय।
बैठक का संचालन करते हुए जिला स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक तथा दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। दस्तक अभियान के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक साथ मिलकर सभी घरों में दस्तक देकर जेई, एईएस, कुष्ठ रोग, बुखार, क्षय रोग, फाइलेरिया व कालाजार के साथ किसी भी बीमारी से ग्रसित लक्षणों वाले संभावित मरीजों की पहचान कर ई-कवच पोर्टल पर दर्ज करेंगी। इसके उपरान्त परिवार के सभी सदस्यों का आभा आईडी जनरेट किया जायेगा।
श्री सिंह ने बताा कि अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनको उचित पोषाहार उपलब्ध कराएंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र पर उपचार के लिए भेजेंगी। इसके अलावा 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे या टीबी के लक्षणों वाले व्यक्तियों के घर में प्रमुख जगह पर स्टीकर लगाकर यह सुनिश्चित किया जायेगा कि घर के किसी भी सदस्य को बुखार होने पर वह तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश ने बताया कि जमे हुए पानी में मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिये गए हैं। जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने घर के आस-पास जलभराव की स्थिति बनाए रखता है तो उसे नोटिस जारी की जाएगी। इसके बाद भी वह उसे नष्ट नहीं करता है तो उचित कार्यवाही की जाएगी। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, पंचायती राज/ग्राम्य विकास, पशु पालन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण/समाज कल्याण, कृषि एवं सिंचाई, तथा सूचना विभाग के साथ ही डबल्यूएचओ, पाथ व यूनिसेफ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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