कप्तानगंज बस्ती। सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्तियों के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचने वाले हाईवे देवदूत के नाम से चर्चित प्रमोद ओझा के त्वरित निर्णय की चर्चा मंगलवार को हर जुबा पर दिखे। हुआ यू किस सड़क हादसे में गंभीर हुए तहसील कर्मी को सीएचसी कप्तानगंज में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन एम्बुलेंस की उपलब्धता नहीं हो पाई। जिस पर सड़क हादसे की सूचना पर पहुंचे प्रमोद ओझा ने त्वरित निर्णय लेते हुए। अपने निजी कार से आनंद खनन में उसे देर ना करते हुए गोल्डन समय में जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक ट्रीटमेंट के बाद घायल तहसील कर्मी राम मनोहर 50 निवासी चेरुईया थाना कप्तानगंज जिला बस्ती को ट्रामा सेंटर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।
बताया जाता है की कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ऐकटकवा के पास लखनऊ जा रही एक कर की चपेट में आकर तहसील कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था जबकि कर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी कार में सवार एक व्यक्ति को भी चोटे आई थी। दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी कप्तानगंज में भर्ती कराया गया। जहां तहसील कर्मी राम मनोहर की हालत काफी नाजुक थी। चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। एम्बुलेंस के लिए संपर्क करने पर बताया गया की एंबुलेंस बस्ती से आएगी। परिजन प्राइवेट वाहन ढूंढ रहे थे। मौके पर मौजूद हाईवे के देवदूत और घायलों के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचने वाले प्रमोद ओझा ने त्वरित निर्णय लेते हुए अपनी कार से ही घायल तहसील कर्मी को च कप्तानगंज से जिला अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया। प्रमोद ओझा के इस नेक कार्य की चर्चा हर जुबान पर रही। सूचना पर सीएमओ बस्ती में भी जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंच गंभीर हुए तहसील कर्मी का हाल-चाल जाना। और उसे सरकारी एंबुलेंस से ही लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। जबकि कर सवार लखनऊ निवासी सीताराम अग्रहरि का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वही तहसील कर्मी के घायल होने की सूचना पर तहसील प्रशासन हरैया भी पूरी तरीके से अलर्ट रहा। एसडीएम हरैया विनोद कुमार पांडे और नायब तहसीलदार अजीत कुमार सिंह भी पल-पल हाईवे देवदूत प्रमोद ओझा और परिजनों के संपर्क में बने रहे। बताया जाता है कि प्रमोद ओझा द्वारा लगातार सड़क हादसे में घरे की मदद की जाती है। उनके द्वारा किए जाने वाले इस नेक कार्य की चर्चा हर जुबान पर बनी रहती है। पुलिस और एंबुलेंस से पहले लोग प्रमोद ओझा को दुर्घटना की सूचना देते हैं।मौके पर पहुंचे तहसील कर्मी और परिजन प्रमोद ओझा को धन्यवाद देते दिखे।