लखनऊ। राजधानी के गाजीपुर थानाक्षेत्र में महिला की हत्या करने वाला कोई और कोई नहीं बल्कि वह जिस कंपनी में काम करती थी उसी का मालिक और उसके साथी निकले। पुलिस ने सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपियो से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस ने महिला के शव को बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया है।पीड़ित नीरज सिंह ने बताया की उसकी पत्नी गीता सिंह की गुमशुदगी 22 फरवरी कों गाजीपुर थाने में दर्ज कराई थी। जिसके बाद जांच में जुटी गाजीपुर पुलिस ने गीता और उसकी कंपनी में मालिक के बीच अवैध सम्बन्ध की बात कहकर उसके भाग जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया,लेकिन नीरज ने हार नहीं मानी और मामले में जांच को तेज करने के लिए बड़े अफसरों से कार्रवाई करने की मांग की तो फिर से हरकत में आई पुलिस ने गीता के आॅफिस के बाहर लगे कैमरों और काल डिटेल की जांच कराई तो उसमे मिले एक नंबर पर संदेह होने पर उसकी जांच की गई तो पता चला की यह नंबर उसकी कंपनी के मालिक का है। जिसके यहां गीता नौकरी करती थी। जब मामले में पुलिस ने अभिनव वर्मा से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया की उसने और आॅफिस स्टाफ के अर्जुन,शिवम, कमल किशोर के साथ मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी।इसके बाद महिला के शव को बेनीगंज हरदोई रोड पर स्थित गोमती नदी में बोरे में भरकर फेंक दिया था। डीसीपी उत्तरी अभिजीत आर शंकर ने घटना के बारे में बताया की पुलिस ने पीड़िता के पति की तहरीर पर उसकी गुमशुदगी दर्ज की थी। जिसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और काल डिटेल्स की जांच करते हुए यह बात सामने आई की वह जिस कंपनी में नौकरी करती थी उसके मालिक ने अपने अन्य स्टाफ के लड़को के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी गई और उसके शव कों गोमती नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों कों गिरफ्तार कर लिया है और मामले के अन्य पहलुओं को जानने के लिए गिरफ्तार युवकों से पूछताछ करने में जुटी है।