भाजपा में शामिल हारून वारसी, आलोक और  रामशरण की हुई घर वापसी

बाराबंकी(आरएनएस)। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में नेताओं का एंट्री-एग्जिट होना कोई आम बात नहीं है। बगावत के ढोल पीटने वाले अच्छे-अच्छे नेता भी वापस लौटकर पार्टी में शामिल हो रहे हैं तो कहीं पार्टियों को बेवफाई भी देखने को मिल रही है। ताजा मामला बाराबंकी में देवा, रामनगर और हैदरगढ़ नगर पंचायत के वर्तमान अध्यक्ष से जुड़ा है। जहां रामनगर के चेयरमैन रामशरण पाठक और हैदरगढ़ नगर पंचायत के चेयरमैन आलोक तिवारी एक बार फिर से भाजपा में शामिल हो गए हैं। वहीं देवा नगर पंचायत के चेयरमैन एवं व्यापारी नेता हारून वारसी ने भाजपा का दामन थाम लिया है। बताते चलें कि 2023 में जहां एक तरफ नगर निकाय चुनाव में टिकट न मिलने से खफा होकर रामशरण पाठक और आलोक तिवारी ने पार्टी के खिलाफ बगावत की थी वहीं अब उन्होंने घर वापसी कर ली है। सूत्रों की माने तो आगामी लोक सभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा जहां पिछड़े और दलित को आपने पाले में लाने की जिद्दोजहद कर रही है वहीं अल्पसंख्यकों को आकर्षित करने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ रही है। बताते चलें कि बुधवार को लखनऊ में देवा नगर पंचायत के चेयरमैन हारून वारसी, रामनगर नगर पंचायत के चेयरमैन रामशरण पाठक और हैरदगढ नगर पंचायत के चेयरमैन आलोक तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चैधरी ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया है। सूत्र बताते हैं कि देवा शरीफ हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रमुख केन्द्र रहा है जहां से मुस्लिम समुदाय को प्रभावित करने के इरादे से देवा चेयरमैन और व्यपारी नेता हारून वारसी को भाजपा में शामिल किया है। इस बारे में भाजपा जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार मौर्य ने बताया कि भाजपा कभी भी जाति, मजहब व संप्रदाय की राजनीति नहीं करती है। आज भी भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय अपने को सबसे ज्यादा सुरक्षित मानता है और हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है। जबकि गैर भाजपा के शासन में मुस्लिम सुमदाय जिंदगी के हर क्षेत्र में पिछड़ता चला गया।

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