अनुराग लक्ष्य, 29 दिसंबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता ।
कुल्लो नफसूल ज़ायकातुल मौत, बेशक हर जानदार को एक दिन मौत का मज़ा चखना है। और यह कायनात जबसे वजूद में आई है। इस सच्चाई को कोई झुटला नहीं पाया। हर जानदार चीज़ को उसके मुकरररह वक्त पर फना हो जाना है।
यह सानेहा गोरखपुर की सरज़मीन पर शायरी की दुनिया में अपना खास मुकाम रखने वाले कौसर गोरखपुरी की पत्नी सर्वर जहां के अचानक इंतकाल की खबर पर अदबी हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में एक लंबे अरसे से चल रहा था।
मरहूमा को रसूलपुर कब्रिस्तान में तडफीन किया गया, जिसमें गोरखपुर के तमाम शोआरा, अदीब, फनकार, पत्रकार और समाज की विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने अपने अपने अंदाज़ में खेराजे अकीदत पेश की।