आओं प्रिये उम्र को नहीं जीवन को जियें

श्रेया ने गौधुलि बेला में सुमधुर काव्य गंगा का आयोजन किया

अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब के महिला प्रकोष्ठ पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

जिसमें देश के कौने कौने से 10 राज्य के रचनाकार जुड़े कार्यक्रम 10 दिसंबर 2023 रविवार को पावन गौधुलि बेला संध्या के 5 बजे से आरम्भ हुआ हुआ जिसमें परिचर्चा (2023 कैसा बीता) और काव्य पाठ( प्रेम या सनातन) विषय पर हुआ। कार्यक्रम बहुत ही शानदार रहा कार्यक्रम में दो संचालिका शोभा रानी तिवारी जी और डॉ आनंदी सिंह रावत जी और दो ही समीक्षक अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब की संस्थापिका डॉ अर्चना श्रेया जी और मीता लुनिवाल “मीत” जी थी कार्यक्रम का आगाज़ चिरपरिचित अंदाज में श्रेया जी ने मुक्तक से किया ततपश्चात सरस्वती वंदना माँ तुम्हें नमन शोभा रानी तिवारी जी ने किया।

उसके बाद सब की एक के बाद एक परिचर्चाएं और कविता का दौर शुरू हुआ सब ने अपनी परिचर्चा में अलग-अलग अपना साल कैसे बिता बताया किसी ने चंद्रयान का जिक्र किया, किसी ने देश में हुए अभी चुनाव के बारे में चर्चा की, किसी ने अपने स्वास्थ्य के बारे में कहा,किसी ने अपनी उपलब्धियां बताई और किसी ने अपने सकारात्मकता के बारे में कहा सबके सुंदर सुंदर विचार सुन भाव विभोर हो बहुत आनंदित हुएं। देश विदेश की बातें कही गई सबकी रचना एक से बढ़कर एक थी संतोष तोषनीवाल जी ने अपनी परिचर्चा और फिर उसके बाद प्रेम पर अपनी रचना पढ़ी बहुत ही सुंदर थी, फिर जगदीश कौर जी ने अपनी परिचर्चा और प्रेम पर ही अपनी रचना पढ़ी जो बहुत ही शानदार थी उसके बाद डॉ अर्चना श्रेया जी ने परिचर्चा में सनातन संस्कृति का विस्तार कर देश, समाज ,परिवार , विदेश में सफलता मोदी युग का आगमन के साथ कान्हा की कृपा भक्ति जो 23 में मिली बतातें हुएंअपनी रचना पढ़ी प्रेम पर जो की बहुत ही सकारात्मक रचना थी वास्तविकता से भरी हुई थी।

फिर डॉ शशि कला अवस्थी जी ने अपनी परिचर्चा में बहुत ही सुंदर विचार रख देश-विदेश, चंद्रयान सब की चर्चा करते हुएं एक बहुत ही सुंदर रचना पढ़ी जिसे सबने पसन्द किया।फिर सुनीता जी ने अपनी परिचर्चा और प्रेम पर रचना पढ़ी बहुत ही उत्तम थी, नीरजा जी ने बहुत अच्छी नए साल पर अपनी रचना प्रस्तुत की फिर मीता लुनिवाल “मीत” जी ने दिसंबर से जनवरी का रिश्ता पर एक कविता सुनाई और फिर सनातन धर्म पर अपनी लाज़वाब रचना रखी जिसमें हमारी संस्कृति के बारे में जिक्र

था जो बहुत ही प्यारा था। शोभा रानी तिवारी जी ने अपनी मनमोहक रचना पढ़ी और फिर डॉ आनंदी जी ने अपने विचार रखते हुएं शानदार रचना सुनाई जो प्रेरणादायक थी ।

कार्यक्रम उत्तम ,सुंदर,और बहुत ही शानदार रहा। डॉ आनंदी सिंह रावत जी जी और शोभा रानी तिवारी जी ने सुमधुर आवाज में खूबसूरत संचालन किया बेहद लाजवाब रहा । डॉ अर्चना श्रेया जी और मीता लूनिवाल “मीत” जी ने सभी रचनाकारों की समीक्षा की वह बहुत ही सुंदर और सकारात्मक थी।

श्रेया ने हर रचनाकार के लिए खुबसुरत शेर और शायरी परोसा बिल्कुल नये अंदाज में जाते वर्ष की विदाई पर

आयोजित कार्यक्रम जो नये रुपरेखा में हुआ उत्साहपूर्वक सभी साहित्यकार जुड़े।

मुस्कुराते हुए विचार और काव्य गंगा में खास तरीके से डुबकी लगाई।भारत के बाहर से क्लब के खास सदस्य वनदेवी जी और चंदा नेह जी का

शुभकामनाएं और बधाई सन्देश क्लब को मिला।

पटल प्रभारी विनीता जी स्वस्थ ना होने पर जुड़ न पाई,शिखा और मीता जी का सहयोग उल्लेखनीय रहा।

सभी लोगों ने श्रेया जी को बधाई और धन्यवाद दिया ।

अंजाम तक आनंदी जी ने पहुँचाया आभार से गोष्ठी का समापन हुआ।

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