बस्ती – महिला पी जी कॉलेज बस्ती के शिक्षा शास्त्र विभाग द्वारा आज एड्स दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इसके पूर्व दिनांक 28/11/23 को इस विषय पर पोस्टर तथा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमे कुल 17 छात्राओ ने प्रतिभाग किया।
मां सरस्वती को याद करते हुए प्राचार्या,शिक्षकों एवं छात्राओं का स्वागत एवं सम्मान करते हुए कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर स्मिता सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर सुनीता तिवारी द्वारा किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर सुनीता तिवारी ने निबंध प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता के लिए छात्राओं का उत्साह वर्धन किया और कहा की आत्म संयम से ही एड्स को नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रियंका सिंह ने अपने वक्तव्य रखें तथा एड्स का शाब्दिक अर्थ बताते हुए उसके बचाव पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में डॉक्टर सुधा त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य रखें तथा उन्होंने एड्स के बचाव के उपाय बताएं एवं डिस्पोजल इंजेक्शन का प्रयोग कब से किया जाने लगा उसके विषय में भी प्रकाश डाला।
तत्पश्चात डॉक्टर कमलेश मैम ने एड्स के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए विस्तृत रूप से छात्रों को अवगत कराया तथा बताया कि आज भी भारत मे 0.6% व्यक्ति एड्स से प्रभावित दिखते हैं।
डॉक्टर सुहासिनी सिंह ने एड्स का समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य समझाते हुए कहा की आत्म संयम ही हमें इन बीमारियों से बचा सकता है उन्होंने स्वतंत्र रूप से इस विषय पर विचार अभिव्यक्त करते हुए सेक्स एजुकेशन के उच्च शिक्षा के को-करिकुलर के पाठ्यक्रमों में शामिल होने का कारण भी बताया।
डॉ नूतन यादव ने अपने वक्तव्य रखते हुए कहा कि एड्स किसी भी उम्र के व्यक्तियों में हो सकता है तथा संक्रमित व्यक्तियों के रक्त को चढ़ाने से भी यह बीमारी होने की प्रबल संभावनाएं रहती हैं।
डॉ०सीमा सिंह ने छात्राओं को एड्स के विषय मे जागरूक करते हुए कहा कि दाढ़ी बनाने इत्यादि में प्रयोग की गई ब्लेड में यदि संक्रमित व्यक्ति के रक्त लग जाने से भी एड्स फैलाने का खतरा रहता है। आभार ज्ञापन प्रख्यात समाजशास्त्री डॉ रघुवर पाण्डेय ने किया ।