शिक्षकों की तरह शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी मिले दीपावली का अवकाश, परिषद ने कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। महाविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद, उत्तर प्रदेश के बस्ती जिलाध्यक्ष सूर्या कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी अवकाश आदेश में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के बीच किए गए भेदभाव पर कड़ा विरोध जताया गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस विसंगति के विरोध में कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर समान अवकाश की मांग की जाए।
परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी कार्यालय आदेश (पत्रांक-1110/कु0सं0का0/सि0वि0वि0/2026, दिनांक 03 नवंबर 2026) के तहत कुलपति की अनुमति से दीपावली, धनतेरस एवं भैया दूज सहित अन्य त्योहारों के मद्देनजर विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षकों के लिए 06 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का अवकाश पूर्ववत रखते हुए सीमित कर दिया गया है। इससे कर्मचारी वर्ग में असंतोष व्याप्त है।
परिषद ने सवाल उठाया कि जब त्योहार सभी के लिए समान हैं तो अवकाश के मामले में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। परिषद ने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने आदेश पर पुनर्विचार करते हुए शिक्षकों की भांति शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी 06 से 12 नवंबर तक समान रूप से अवकाश प्रदान करे।
इसके साथ ही परिषद ने यह भी मांग की कि यदि अति आवश्यक शासकीय अथवा प्रशासनिक कार्यों के चलते कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रखी जाती है तो उन्हें नियमानुसार प्रतिकार अवकाश (कम्पेन्सेटरी लीव) एवं क्षतिपूर्ति अवकाश का स्पष्ट प्रावधान करते हुए उसका लाभ दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष सूर्या कुमार उपाध्याय, जिला सचिव दुर्गा प्रसाद सिंह, गिरिजा नंद राव (अध्यक्ष, कॉलेज इकाई), अरुण मणि त्रिपाठी (प्रधान सहायक), पूनम यादव (उपाध्यक्ष, कॉलेज इकाई), विजय नाथ, ज्ञानेश्वर तिवारी, संगीता, सूर्य प्रताप सिंह (प्रदेश अध्यक्ष), संतोष सिंह (मंडल अध्यक्ष), योगेश मिश्रा (प्रदेश अध्यक्ष), अखिलेश कुमार सोनकर (जिला उपाध्यक्ष), आनंद कुमार, सतीश एवं दीपक सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
परिषद ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों के हितों और समानता के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए ज्ञापन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।