मस्कट,। पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज एमटी लुईस-1 पर हमला हुआ है। हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा और उसके इंजन कक्ष में आग लग गई। हालांकि, चालक दल के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार संचालन (यूकेएमटीओ) के अनुसार, यह घटना गुरुवार को ओमान के खासब से करीब 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जहाज पर चिपकने वाली समुद्री बारूदी सुरंगों (लिम्पेट माइंस) से हमला किया गया था। हमले के कारण जहाज के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा और इंजन कक्ष में आग लग गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में पहली बार चिपकने वाली समुद्री बारूदी सुरंगों के इस्तेमाल से हमला किया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के आंकड़ों के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने से लेकर 27 अक्टूबर तक होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में 120 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में चार तेल टैंकरों में आग लग गई और उनमें विस्फोट भी हुए। ईरानी बलों के अनुसार, ये टैंकर कथित तौर पर निर्धारित और अधिकृत समुद्री मार्गों के बजाय दूसरे रास्तों से गुजरने का प्रयास कर रहे थे। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहा एक टैंकर समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंग से टकरा गया।
गौरतलब है कि इसी महीने होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय चालक दल वाले पांच जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रहे हमलों से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में यहां बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।