महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या।धर्मनगरी अयोध्या में रामलीला की पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ऐतिहासिक ‘राम की पैड़ी’ पर ‘अयोध्यास्थ रामलीला महोत्सव समिति’ द्वारा भव्य आरती और पूजन के साथ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इस आयोजन से संपूर्ण अयोध्या का वातावरण पूरी तरह राममय हो गया है।
संत-महंतों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रसिक पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण महाराज (जानकी घाट बड़ा स्थान) और विशिष्ट अतिथि तीर्थ पुरोहित समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज ने भगवान की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक बधाई भवन पीठाधीश्वर महंत राजीव लोचन शरण, डॉ. प्रभाकर मिश्रा समेत कई प्रमुख संत-महंत, धर्माचार्य और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संतों और अतिथियों का यह जमावड़ा सनातन संस्कृति की जीवंतता का प्रतीक बना। मनमोहक मंचन राम राज्याभिषेक से कोपभवन प्रसंग तक महोत्सव कलाकारों द्वारा अत्यंत सजीव और मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियों से लेकर कैकेई के कोपभवन में जाने तक के मर्मस्पर्शी दृश्यों का जीवंत मंचन किया गया। इन दृश्यों ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। मंचन के दौरान गूंजते ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से पूरी ‘राम की पैड़ी’ गुंजायमान हो उठी। सनातन परंपरा और नई पीढ़ी को संदेश बधाई भवन पीठाधीश्वर महंत राजीव लोचन शरण और संतों ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या में रामलीला का आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के उच्च आदर्शों, जीवन गाथा और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को प्रभु श्रीराम के चरित्र और मर्यादाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस भव्य शुभारंभ से स्थानीय निवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।