पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट के विरोध में तीन सिर वाला पुतला फूंका
सरायरंजन में संघर्ष समिति ने निकाला मार्च, वैकल्पिक अलाइनमेंट की मांग
समस्तीपुर/सरायरंजन। पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के वर्तमान प्रस्तावित अलाइनमेंट के विरोध में पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे जन संघर्ष समिति, सरायरंजन के तत्वावधान में बुधवार को सरायरंजन बाजार में विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पैलेस से मार्च निकालकर हुई। मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं प्रभावित परिवार शामिल हुए।
मार्च सरायरंजन बाजार के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित अलाइनमेंट में बदलाव करने तथा प्रभावित आवासीय क्षेत्रों, दुकानों एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों को बचाने की मांग को लेकर नारे लगाए। बाजार के बीच पहुंचने के बाद विजय कुमार चौधरी, नित्यानंद राय एवं एनएचएआई का तीन सिर वाला संयुक्त पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।
इसके बाद सभा आयोजित की गई, जिसका संचालन संघर्ष समिति के संयोजक उमेश झा ने किया। सभा को सुरेश महतो, दिनेश झा, किशोरी प्रसाद, संजीव इंकलाबी, जवाहर झा, सुखदेव सहनी, लाल बाबू यादव, अमर झा, दयानंद झा, दीपक झा, रामाज्ञा झा, कुंदन कुमार झा एवं शिवकुमार झा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय लोग विकास परियोजना के विरोधी नहीं हैं, बल्कि ऐसी योजना चाहते हैं जिससे क्षेत्र का विकास भी हो और कम से कम विस्थापन हो। उन्होंने प्रस्तावित अलाइनमेंट से प्रभावित परिवारों, दुकानों तथा KSR कॉलेज की शैक्षणिक संरचनाओं और खेल मैदान को बचाने के लिए वैकल्पिक अथवा संशोधित अलाइनमेंट पर विचार करने की मांग की।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं युवा समाजसेवी संजीव कुमार इन्कलाबी ने कहा कि शिक्षा के मंदिर को नुकसान पहुंचाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में यह एकमात्र डिग्री कॉलेज है। कॉलेज प्रभावित होने से क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कॉलेज क्षेत्र का गौरव है और इसे बचाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा जाएगा।
सभा में कहा गया कि प्रशासन और एनएचएआई को प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करते हुए जनहित में वैकल्पिक अलाइनमेंट की संभावनाओं पर पुनर्विचार करना चाहिए। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मौके पर किरण देवी, आशा देवी, सरस्वती देवी, अंजू देवी, प्रतिभा देवी, रिंकू देवी सहित सैकड़ों स्थानीय नागरिक एवं प्रभावित परिवार मौजूद रहे। समिति ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा और आगे की रणनीति प्रभावित लोगों एवं स्थानीय नागरिकों से विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी।