गुरु-शिष्य परम्परा का अनूठा संगम, अनुष्का बनीं प्रधानाचार्य

गुरु-शिष्य परम्परा का अनूठा संगम, अनुष्का बनीं प्रधानाचार्य

गुरु केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, वे जीवन को दिशा देते हैं

 

लवकुश सिंह संवाददाता

अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती

 

बस्ती। गुरु केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, वे जीवन को दिशा देते हैं। उनके ज्ञान और संस्कारों से ही विद्यार्थी अपने भविष्य की नींव मजबूत करते हैं। इसी भावना को आत्मसात करते हुए एच.एम.ए. इंटर कॉलेज, हर्रैया में शनिवार को शिक्षक दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर गुरुजनों के सम्मान, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और तालियों की गूंज से सराबोर रहा।

समारोह का विशेष आकर्षण विद्यालय की छात्रा कु. अनुष्का सिंह का छात्र प्रधानाचार्य बनना रहा। छात्र प्रधानाचार्य के रूप में अनुष्का सिंह ने विद्यालय की प्रधानाचार्य संबंधी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया। उन्होंने नेतृत्व, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि अवसर मिलने पर छात्र भी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकते हैं। विद्यालय परिवार ने इस पहल को विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और प्रशासनिक समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहजाद ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ने का कार्य करते हैं। शिक्षक ही बच्चों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। विद्यालय के निदेशक एम.डी. ओझा ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक के ज्ञान और संस्कारों की रोशनी ही विद्यार्थी के जीवन को सही दिशा देती है। हमारा प्रयास है कि एच.एम.ए. इंटर कॉलेज से निकलने वाले विद्यार्थी केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले न हों, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाएं। प्रधानाचार्य के.एन. वर्मा ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु का सम्मान भारतीय संस्कृति की महान परंपरा है। शिक्षक विद्यार्थी के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन को जीवन में आत्मसात करें और अपने आचरण से गुरुजनों का सम्मान बढ़ाएं।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने गुरु वंदना, भाषण, कविता एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों ने उनके मार्गदर्शन को अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी बताया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।