दिव्या मित्तल का इस्तीफा: प्रशासनिक सेवा में जनसेवा और संवेदनशीलता का एक अनूठा अध्याय

दिव्या मित्तल का इस्तीफा: प्रशासनिक सेवा में जनसेवा और संवेदनशीलता का एक अनूठा अध्याय

अनुराग लक्ष्य न्यूज

IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का प्रशासनिक पद से त्यागपत्र देना केवल एक अधिकारी के सेवा से हटने की घटना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी प्रेरणादायी यात्रा का विराम है जिसने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक सेवा की असली पहचान किसी पद से नहीं, बल्कि जनसेवा और आम जनता के विश्वास से होती है।

अपने कार्यकाल के दौरान देवरिया और मीरजापुर जैसे जिलों में उनके द्वारा किए गए जमीनी और जनहित के कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे। उनके ये शब्द— “शक्ति किसी पद से नहीं, मां विंध्यवासिनी की कृपा और लोगों के विश्वास से आती है”— उनकी प्रशासनिक कार्यशैली में जनता के प्रति उनकी विनम्रता और गहरी संवेदनशीलता को भली-भांति दर्शाते हैं।

 

एक ऐसे संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी का प्रशासनिक व्यवस्था से बाहर होना जनसेवा के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।