जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न
*एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के नवीन दिशा-निर्देशों, वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों एवं पात्रता शर्तों की हुई विस्तृत समीक्षा*
अम्बेडकरनगर, 31 जुलाई 2026।
जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों, वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु जनपद को प्राप्त भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों तथा विभिन्न कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्ष 2026-27 में स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, केला, पपीता, पुष्प, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित फसलों, संकर सब्जियों तथा बागवानी यंत्रीकरण सहित विभिन्न मदों में निर्धारित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी आवेदन विभागीय पोर्टल dbt.uphorticulture.in पर ऑनलाइन प्राप्त किए जाएंगे तथा “प्रथम आवक-प्रथम पावक” के सिद्धांत के आधार पर पात्र लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के समय खतौनी, बैंक पासबुक की छायाप्रति, आधार कार्ड तथा पासपोर्ट आकार का फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत अनुदान की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। इनमें विदेशी फल फसलें, नवीन उद्यान स्थापना, संकर सब्जी क्षेत्र विस्तार, मसाला फसलें, पुष्प उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती, मधुमक्खी पालन, फेंसिंग, लो-कॉस्ट मशरूम उत्पादन, बागवानी यंत्रीकरण, मल्चिंग, सब्जियों पर मचान निर्माण तथा कृषक प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इन योजनाओं में निर्धारित लागत मानकों के अनुसार 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी ने कार्यक्रमवार अनुदान की जानकारी देते हुए बताया कि फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत अमरूद (4 हे.), ड्रैगन फ्रूट (2 हे.) एवं केला (6 हे.) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 40 प्रतिशत अनुदान देय होगा।
सब्जी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत हाइब्रिड एवं देशी सब्जियों के लिए 15 हे. एवं 17 हे. का लक्ष्य निर्धारित है। इस पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
पुष्प क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत (ग्लैडियोलस एवं गेंदा) 17 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत प्याज एवं लहसुन के लिए 75-75 हेक्टेयर तथा कुल 150 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इस पर 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध होगा।
प्लास्टिक मल्चिंग कार्यक्रम के अंतर्गत 04 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान देय होगा।
योजना का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक किसान निर्धारित पात्रता एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, अम्बेडकरनगर से संपर्क कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को लाभान्वित किया जाए तथा बागवानी एवं सब्जी कार्यक्रमों के लाभार्थियों को “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें तथा पात्र किसानों को समयबद्ध ढंग से योजना का लाभ उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का लाभ पूर्ण पारदर्शिता के साथ पात्र किसानों तक पहुँचाया जाए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी डीआरडीए, डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक, वरिष्ठ कोषाधिकारी सहित कृषक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।