महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का अयोध्या आगमन पर पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक तेजनारायण पांडे ‘पवन’ के कृष्णापुर रसूलाबाद स्थित आवास पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री ने 51 किलो की विशाल माला पहनाकर महाराज जी का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, स्थानीय नागरिक, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौमाता को मिले राष्ट्रमाता का दर्जा
इस मौके पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने संबोधन में गाय को ‘पशु’ कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “गाय हमारी पूजनीय माता है, हम उन्हें पशु नहीं कह सकते। आज की सरकार उन्हें पशु समझती है, जो अत्यंत खेदजनक है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने और उन्हें मां के समान सम्मान दिलाने के संकल्प के साथ धर्मयात्रा पर निकले हैं।
राम मंदिर और सरकारी दावों पर मुखर विरोध
शंकराचार्य ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए राम मंदिर से संबंधित विषयों पर खुलकर बात रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों को लेकर कहा कि चोरी के प्रकरण पर ध्यान भटकाने के लिए पुरानी और निराधार बातें की जा रही हैं। उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज के दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे जनता का ध्यान भटकाने वाली असत्य घटना बताया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ शंकराचार्य की ललकार
पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडे ‘पवन’ ने महाराज जी और उनके साथ आए संतों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार से आम जनमानस त्रस्त है। ऐसे में स्वामी जी द्वारा उठाई गई आवाज और उनके द्वारा की गई ललकार आने वाले समय में समाज के लिए हितकारी सिद्ध होगी और राष्ट्र के विकास में सहायक बनेगी।
प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट के अनुसार, इस स्वागत समारोह में महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव, विधानसभा अध्यक्ष रक्षा राम यादव, पूर्व प्रमुख राम अचल यादव, उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव, महंत जनमेजय शरण, बाल योगी रामदास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।