महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। रघुनाथ भवन वैद्य मंदिर, श्रृंगारहाट के साकेतवासी महंत वैद्य स्वामी रामशरण दास महाराज की 44वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को मंदिर परिसर में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अयोध्याधाम के संत-महंतों एवं धर्माचार्यों ने पूज्य महाराज जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके आध्यात्मिक, सामाजिक और सेवामयी जीवन का स्मरण किया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए रघुनाथ भवन वैद्य मंदिर के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने अपने गुरुदेव के विराट व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान वैद्य स्वामी रामशरण दास अप्रतिम प्रतिभा के धनी, कुशल वैद्य और उच्च कोटि के भजनानंदी संत थे। उन्होंने अपने ज्ञान और सेवा भाव से न केवल असंख्य लोगों का मार्गदर्शन किया, बल्कि आश्रम के विकास, गौसेवा, संत सेवा, विद्यार्थी सेवा और आगंतुकों की सेवा को ही अपने जीवन का मुख्य ध्येय बना लिया था। महाराज जी के दूरदर्शी प्रयासों का ही परिणाम है कि मठ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और आज भी उनकी स्थापित परंपराओं का पूरी श्रद्धा के साथ निर्वहन किया जा रहा है।
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संतों, महंतों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के समापन पर महंत राजेंद्र दास महाराज ने उपस्थित सभी संतजनों का स्वागत एवं सम्मान किया।
इस अवसर पर बावन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण, सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास रामायणी महाराज के शिष्य डा. महेश दास, हरिद्वार पट्टी के महंत मुरली दास, विद्याकुंड के महंत उमेश दास, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास, रामहर्षण कुंज के महंत अयोध्या दास सहित महंत परशुराम दास, महंत रामष्ण दास, महंत वीरेंद्र दास, महंत माधवदास रामायणी, महंत बलराम दास, महंत अवधकिशोर शरण, महंत रामलोचन शरण, महंत पवन कुमार दास, नागा रामलखन दास, महंत उत्तम दास, उपेंद्र दास, राजन दास, शरद आचारी, भरत दास और संतदास समेत बड़ी संख्या में संत-महंत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।