विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में 12 लाख से अधिक पौधों का रोपण, ‘स्वच्छ गांव–सुरक्षित जलवायु’ अभियान के तहत वृहद स्वच्छता अभियान भी संचालित

लखनऊ  विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन एवं सतत विकास की मंशा के अनुरूप पंचायतीराज विभाग द्वारा संचालित “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के तहत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में वृहद वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 12 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया।अभियान के साथ-साथ 54,234 स्थानों पर विशेष साफ-सफाई कार्यक्रम भी चलाए गए, जिनमें 2,33,176 से अधिक लोगों ने सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, तालाबों, नदी तटों, पर्यटन स्थलों तथा धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जनपद अंबेडकर नगर में वृक्षारोपण कर अभियान का नेतृत्व किया। वहीं पंचायतीराज निदेशालय, लखनऊ में निदेशक अमित कुमार सिंह, मिशन निदेशक (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण) गुंजन द्विवेदी सहित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।इस अवसर पर पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के माध्यम से ग्राम पंचायतों में स्वच्छता और हरित विकास को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार ने कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी बनाया जा रहा है, जिससे सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति संभव हो सकेगी।निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह ने कहा कि वृक्षारोपण और स्वच्छता गतिविधियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को पर्यावरणीय रूप से सशक्त एवं स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें जनसहभागिता सबसे बड़ी शक्ति है।वहीं मिशन निदेशक गुंजन द्विवेदी ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवहार को मजबूत करने के साथ-साथ हरित आवरण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे सुरक्षित जलवायु और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।पंचायतीराज विभाग ने कहा कि “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए सतत विकास की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।