महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। अयोध्या जल पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई से सरयू नदी तट पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एक 12 वर्षीय बालक को न केवल सुरक्षित बचाया, बल्कि उसे सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द भी किया। संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा था मासूम प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सरयू नदी तट पर नियमित ड्यूटी के दौरान जल पुलिस टीम को एक बालक संदिग्ध परिस्थितियों में अकेला घूमता हुआ दिखाई दिया। बालक की पहचान अंश वर्मा (12 वर्ष), पुत्र घनश्याम वर्मा, निवासी भीखीकापुरवा सहनवा (थाना कोतवाली,अयोध्या) के रूप में हुई है। आत्मघाती कदम उठाने की फिराक में था बालक
बालक की असामान्य गतिविधियों को भांपते हुए जल पुलिस की टीम ने तुरंत उसे अपनी सुरक्षा में लिया। टीम ने बच्चे के साथ बेहद आत्मीय और सहानुभूतिपूर्ण संवाद स्थापित किया। बातचीत के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि बालक अपने घर से किसी बात पर नाराज होकर आया था और अत्यधिक तनाव में होने के कारण नदी में कूदकर आत्मघाती कदम उठाने की मनःस्थिति में था।
समझा-बुझाकर माता को सौंपा
जल पुलिस के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए पहले बच्चे को ढांढस बंधाया और उसे समझाया-बुझाया। इसके बाद पुलिस ने तत्परता से उसके परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क साधा। आवश्यक कागजी कार्रवाई और काउंसलिंग के बाद मासूम को उसकी माता के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें भर आईं और उन्होंने पुलिस का बार-बार आभार व्यक्त किया।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका इस अत्यंत संवेदनशील और जीवन रक्षक कार्य में जल पुलिस प्रभारी रूबे प्रताप मौर्य, कांस्टेबल नित्यानंद यादव, कांस्टेबल सुरेंद्र यादव एवं राम रतन माझी की महत्वपूर्ण व सराहनीय भूमिका रही। अयोध्या पुलिस की अपील अयोध्या पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी व्यक्ति, विशेषकर बच्चे या बुजुर्ग, अत्यधिक तनावग्रस्त या संदिग्ध परिस्थितियों में अकेले दिखाई दें, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। समय पर दी गई एक छोटी सी सूचना किसी की अनमोल जिंदगी बचा सकती है।