स्थापना दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, पूर्व विधायक खलीलाबाद दिग्विजय नारायण ‘जय चौबे’ का भव्य स्वागत
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन, दिग्विजय नारायण ‘जय चौबे’ ने की सराहना
शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति – दिग्विजय नारायण ‘जय चौबे’
जितेन्द्र पाठक
संत कबीर नगर शहर के मोहिउद्दीनपुर स्थित ज्ञान सरोवर विद्या मंदिर का स्थापना दिवस समारोह बड़े ही उत्साह, उल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खलीलाबाद सदर के पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण ‘जय चौबे’ की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यालय के प्रबंधक अशोक मौर्य ने मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण ‘जय चौबे’ का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में अवर अभियंता अमित सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरे आयोजन में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
स्थापना दिवस समारोह में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। विशेष रूप से संविधान के रचयिता भीमराव रामजी अंबेडकर द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। विद्यार्थियों ने समानता, स्वतंत्रता और न्याय के अधिकारों को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया।
इस अवसर पर आर्य वीर दल के प्रशिक्षित बच्चों ने मानव पिरामिड, विषम परिस्थितियों से निपटने की कला, देश के प्रति समर्पण तथा शारीरिक फिटनेस का शानदार प्रदर्शन कर खूब तालियां बटोरीं।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण ‘जय चौबे’ ने बच्चों की प्रतिभा और ऊर्जा की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार बेहतर शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को उत्कृष्ट मंच भी प्रदान कर रहा है, जो काबिले-तारीफ है।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य पूर्व अतिथि पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण ‘जय चौबे’ ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने कहा कि आर्य वीर दल जैसा प्रशिक्षण बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए भी सक्षम बनाता है।
विशिष्ट अतिथि अमित सिंह ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा आवश्यक है, लेकिन प्रारंभिक शिक्षा का मजबूत आधार पुस्तकीय ज्ञान से ही बनता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सोशल मीडिया के अनावश्यक कंटेंट से दूर रखने की अपील की।
विद्यालय प्रबंधक अशोक मौर्य ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्था बच्चों के मानसिक, शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा संगम देखने को मिला। समापन अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नगवां गांव के ग्राम प्रधान रामाशीष उपाध्याय, अवधेश सिंह, संदीप सिंह, मयंक सिंह, कन्हैया विनय यादव ग्राम प्रधान उरदहवां, रामकिशोर यादव ,राजेश यादव ,ब्रह्मदेव यादव ,रंगलाल मौर्य, रामकरण यादव, लक्ष्मण यादव, अब्दुल रशीद, कपिल देव यादव, राहुल यादव, राजू पूर्व प्रधान सरही,सहित सैकड़ों की संख्या में अभिभावक, शिक्षकगण एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विद्यालय के शिक्षक राम शरण पाठक, पल्लवी दुबे, मन्नू कुमार एवं समस्त शिक्षा गण मौजूद रहे