कोहरे-बारिश से बढ़ी ठंड: फसलों पर संकट गहराया, सरसों-सब्जियों को नुकसान की आशंका

कोहरे-बारिश से बढ़ी ठंड: फसलों पर संकट गहराया, सरसों-सब्जियों को नुकसान की आशंका

 

रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय

प्रतापगढ़ जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम में अचानक बदलाव देखा जा रहा है। घने कोहरे, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस मौसमी बदलाव ने किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

बुधवार सुबह जिले की लालगंज, पट्टी, रानीगंज और कुंडा तहसीलों में घना कोहरा छाया रहा, जो लगभग दस बजे तक बना रहा। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। कोहरा छंटने के बाद आसमान में बादल छा गए और झमाझम बारिश शुरू हो गई।मौसम वैज्ञानिक देशराज मीणा के अनुसार, रात का न्यूनतम तापमान लगभग आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो मंगलवार को बढ़कर ग्यारह डिग्री हो गया। उन्होंने बताया कि बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट की संभावना है। दोपहर बाद हल्की धूप निकलने की उम्मीद है, लेकिन ठंड का असर पूरे दिन बना रह सकता है। मौसम की नमी और कोहरे का सीधा असर कृषि पर पड़ रहा है। सरसों की फसल में फूल झड़ने से उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी आने की आशंका है। आलू की फसल में अधिक नमी के कारण झुलसा रोग और सड़न का खतरा बढ़ गया है।चना, मटर और अरहर जैसी दलहनी फसलों में कलियां गिरने की समस्या सामने आ रही है। इसके अतिरिक्त, टमाटर, बैंगन और गोभी जैसी सब्जियों में कीट और सड़न बढ़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से टमाटर और मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है।

यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं होता है, तो खेतों से सब्जियों की आवक घटने के कारण आने वाले दिनों में इनके दाम बढ़ सकते हैं। सहालग के मौसम में संभावित महंगाई ने उपभोक्ताओं और किसानों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।