प्रयागराज महाकुंभ-2025″ का गंगा तट पर हुआ विमोचन 

प्रयागराज महाकुंभ-2025″ का गंगा तट पर हुआ विमोचन

 

प्रयागराज )उ.प्र.)::को माघमेला क्षेत्र पांटून पुल ३, सेक्टर चार स्थित श्री निम्बार्काचार्य पीठ में लोकरंजन प्रकाशन से प्रकाशित व डॉक्टर पूर्णिमा पाण्डेय “पूर्णा” द्वारा लिखित पुस्तक प्रयागराज महाकुंभ-2025 (आस्था का महामेला) का आज के अध्यक्ष डॉक्टर भगवान प्रसाद उपाध्याय, मुख्य अतिथि प्रोफेसर रवि मिश्र, सारस्वत अतिथि ॐ ब्रह्म दरबार साधना केंद्र पीठाधीश्वर संत जय महाराज, विशिष्ट अतिथि स्वामी कृष्णानन्द महाराज, युवराज अमरेन्द्र, कृष्ण गोस्वामी महाराज की उपस्थित में भव्य विमोचन 25 जनवरी ‘2026 को संपन्न हुआ।

विमोचन से पूर्व अतिथियों ने माँ वीणापाणि के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण किया। सरस्वती वंदना पंडित अमित पाण्डेय और प्रियम पाण्डेय ने किया।

इस अवसर पर लेखिका डॉक्टर पूर्णिमा पाण्डेय ने अपनी पुस्तक की रचना व्यवस्था का विवरण दिया और प्रस्तुत पुस्तक को माँ गंगा का वरदान बताया। अपने संस्मरण और एक मुक्तक ‘जो पर्व महाकुंभ प्रयागराज। /आस्था का मेला जन समाज।।/यह पुस्तक काव्य संस्मरण है,/करती अर्पित सस्नेह आज।।’ सुनाया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर डाक्टर रवि कुमार मिश्र ने कहा प्रयागराज की महिमा को चित्रित करती यह रचना बहुत दूर तक जाएगी।

अध्यक्ष डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि यह पुस्तक महाकुंभ का सजीव चित्रण करती है।

ॐ ब्रह्म दरबार साधना केंद्र पीठाधीश्वर संत जय महाराज ने पुस्तक और कवयित्री के बारे में बताया। विशिष्ट अतिथि स्वामी कृष्णानन्द महाराज, युवराज अमरेन्द्र, कृष्ण गोस्वामी महाराज और डॉक्टर प्रदीप चित्रांशी अध्यक्ष साहित्याञ्जलि प्रज्योदि, डॉक्टर रामलखन चौरसिया, पंडित राकेश मालवीय मुस्कान, डाक्टर इंदु प्रकाश मिश्र जमदग्नि ने भी पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। बालक उत्कर्ष मिश्र ने एक सुंदर गीत सुनाया।

राकेश पाण्डेय व डा. पूर्णिमा पाण्डेय ने सभी संभ्रांत व्यक्तित्वों को अंगवस्त्र और मुक्ताहार से सम्मानित किया। जबकि पंडित अमित पाण्डेय, आचार्य शिवेन्द्र सारस्वत, आशीष मिश्र, कमला मिश्र ,राजश्री शुक्ल, विनोद, डॉक्टर प्रतिभा, अंजू, किरन, रमा पाण्डेय, अलका, रंजना, , पूनम, प्रियम, आश्विन, डॉक्टर वीरेंद्र तिवारी, अरविन्द मिश्र, केशव सक्सेना , मंजरी, सुनीत पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्रकाशक रंजन पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन आचार्य शिवेंद्र सारस्वत ने किया।