दिल्ली स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बस्ती में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया बसंत पंचमी पर

दिल्ली स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बस्ती में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया बसंत पंचमी पर

 

माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना, हवन-पूजन और भजन कार्यक्रम में शामिल हुए शिक्षक व विद्यार्थी

बस्ती। दिल्ली स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बस्ती में ज्ञान, विद्या और कला की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पावन पर्व बसंत पंचमी बड़े ही श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और सकारात्मक ऊर्जा से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना एवं हवन-पूजन से हुई। विद्यालय के प्रबंधक श्री जे.पी. सिंह, निदेशिका श्रीमती बीना सिंह, उनके पुत्र यश विक्रम सिंह के साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोपाल त्रिपाठी ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा का शुभारंभ किया। उनके साथ समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने भी माँ शारदे से विद्या, विवेक और संस्कार की कामना की।

हवन-पूजन के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण से वातावरण भक्तिमय हो गया। विद्यार्थियों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धा भाव के साथ पूजा में भाग लिया। पूजा उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय कर्मियों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इसके बाद विद्यालय परिसर में भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भजनों के माध्यम से माँ सरस्वती की महिमा का गुणगान किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर विद्यालय के विभिन्न विभागों के इंचार्ज एवं सभी सम्मानित शिक्षकगण उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सराहना की।

विद्यालय के प्रबंधक श्री जे.पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी का पर्व विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, अनुशासन और सृजनात्मकता का संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी अपने जीवन में आत्मसात करें। निदेशिका श्रीमती बीना सिंह ने कहा कि माँ सरस्वती की कृपा से ही विद्यार्थियों में ज्ञान और विवेक का विकास होता है, और ऐसे आयोजनों से बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ता है।

प्रधानाचार्य श्री गोपाल त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से विद्यालय परिवार में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना एवं हवन-पूजन से हुई। विद्यालय के प्रबंधक श्री जे.पी. सिंह, निदेशिका श्रीमती बीना सिंह, उनके पुत्र यश विक्रम सिंह के साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोपाल त्रिपाठी ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा का शुभारंभ किया। उनके साथ समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने भी माँ शारदे से विद्या, विवेक और संस्कार की कामना की।

 

हवन-पूजन के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण से वातावरण भक्तिमय हो गया। विद्यार्थियों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धा भाव के साथ पूजा में भाग लिया। पूजा उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय कर्मियों ने प्रसाद ग्रहण किया।

 

इसके बाद विद्यालय परिसर में भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भजनों के माध्यम से माँ सरस्वती की महिमा का गुणगान किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर विद्यालय के विभिन्न विभागों के इंचार्ज एवं सभी सम्मानित शिक्षकगण उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सराहना की।

 

विद्यालय के प्रबंधक श्री जे.पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी का पर्व विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, अनुशासन और सृजनात्मकता का संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी अपने जीवन में आत्मसात करें। निदेशिका श्रीमती बीना सिंह ने कहा कि माँ सरस्वती की कृपा से ही विद्यार्थियों में ज्ञान और विवेक का विकास होता है, और ऐसे आयोजनों से बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ता है।

 

प्रधानाचार्य श्री गोपाल त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करना है।