उत्तर प्रदेश सरकार और सेंटर फॉर इफेक्टिव गवर्नेंस ऑफ इंडियन स्टेट्स के बीच पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

लखनऊ, : उत्तर प्रदेश सरकार ने आज सेंटर फॉर इफेक्टिव गवर्नेंस ऑफ इंडियन स्टेट्स (ब्म्ळप्ै) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस पांच वर्षीय साझेदारी का उद्देश्य राज्य के वित्त और योजना विभागों को तकनीकी और रणनीतिक सहायता के माध्यम से सुदृढ़ करना है।उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर सरकार की ओर से दीपक कुमार, आईएएस (अपर मुख्य सचिव, वित्त) और आलोक कुमार, आईएएस (प्रमुख सचिव, योजना) ने तथा ब्म्ळप्ै की ओर से विजय पिंगले, सीईओ ने हस्ताक्षर किए।फाइनेंस मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि ब्म्ळप्ै के साथ यह सहयोग दशकों के शोध को क्रियान्वयन योग्य शासन सुधारों में बदलेगा। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य की नीतियां डेटा-सूचित और परिणाम-केंद्रित हों।इस साझेदारी के तहत तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पहला, बजट निर्माण और राजकोषीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक वित्तीय विश्लेषण इकाई की स्थापना। दूसरा, योजना और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार के लिए डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ करना। और तीसरा, मिशन कर्मयोगी के सिद्धांतों का उपयोग करते हुए अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान।ब्म्ळप्ै के सह-संस्थापक और वैज्ञानिक निदेशक प्रो. कार्तिक मुरलीधरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की शासन यात्रा में सहयोग करना उनके लिए सम्मान की बात है। उनका कार्य मापने योग्य परिणामों और राज्य भर में सेवा वितरण में सुधार पर केंद्रित होगा। ब्म्ळप्ै एक गैर-लाभकारी संगठन है जो साक्ष्य और नवाचार के माध्यम से राज्य सरकारों के साथ मिलकर शासन में सुधार के लिए कार्य करता है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करना, नीति क्रियान्वयन में सुधार लाना और नागरिकों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है।