पुल निर्माण और बस सेवा की बहाली की मांग पर जिला पंचायत सदस्य राम सुरेश चौरसिया का प्रमुख सचिव को पत्र
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर।जनपद के पिछड़े छोर कहे जाने वाले खलीलाबाद विकास खंड के वार्ड संख्या-18 की जनता की समस्याओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य एवं जिला योजना समिति के सदस्य राम सुरेश चौरसिया ने शासन-प्रशासन से जोरदार मांग उठाई है। उन्होंने कठीनईया नदी पर पुल निर्माण और कटाई बाजार से बस सेवा बहाली को क्षेत्र की जनता की जीवनरेखा बताते हुए शीघ्र कार्रवाई की अपील की है।
*कठीनईया नदी पर पुल निर्माण की दरकार*
राम सुरेश चौरसिया ने अपने पत्र में लिखा कि कष्टहरनी (कठीनईया) नदी के तीन बड़े घाट—
• देवरी घाट
• विष्याहन्नू घाट
• खरवनिया कला घाट
पर पुल न होने के कारण हजारों की आबादी को बुनियादी यातायात सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देवरी घाट पर पुल न होने से लोगों को रेलवे स्टेशन चूरेब और उत्तरी क्षेत्र तक पहुंचने में 15 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। भविष्याहन्नू घाट का पुल पिछले बरसात में ढह गया था, जिसकी मीडिया में खूब चर्चा हुई थी, लेकिन आज तक उसका पुनर्निर्माण नहीं हो पाया। वहीं, खरवनिया कला घाट पर पुल न होने से लोगों को गोरखपुर और बस्ती मंडल तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ता है।
“क्षेत्र के तीनों ओर नदी होने से जनता वर्षों से कठिनाइयां झेल रही है। जनप्रतिनिधियों और मीडिया ने कई बार मांग उठाई, लेकिन अब तक पुल नहीं बन सका। यह जनहित में नितांत आवश्यक है।” – राम सुरेश चौरसिया
*बस सेवा बहाली की मांग*
जनपदवासी वर्षों तक कटाई बाजार से बहुचर्चित तामेश्वरनाथ धाम – मगहर – संतकबीरनगर मुख्यालय – गोरखपुर रूट पर रोडवेज की बस सेवा का लाभ उठाते रहे। लेकिन कंडक्टर की अनियमितताओं के आरोप में इस सेवा को बंद कर दिया गया।
इसी तरह तामेश्वरनाथ धाम से बस्ती मंडल तक की दूसरी बस भी कंडक्टर के रिटायरमेंट के बाद बंद हो गई।
चौरसिया ने कहा कि इन रूटों पर बस सेवा बहाल करना जनता की मूलभूत सुविधा से जुड़ा मुद्दा है।
“एक-एक बस दोनों रूटों पर दोबारा चलवाई जाए ताकि ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को राहत मिल सके।” – राम सुरेश चौरसिया
*जनता में उम्मीद की किरण*
चौरसिया ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन-प्रशासन जनहित की इस मांग को गंभीरता से लेगा और शीघ्र कार्यवाही करेगा। क्षेत्रीय जनता को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित ये दोनों मांगें पूरी होंगी और विकास की राह में बड़ी बाधा दूर होगी