लखनऊ :उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ग्रामीण पर्यटन कॉन्क्लेव-2025 के सफल समापन के बाद आज प्रतिभागियों को गांव की असली खुशबू और परंपराओं से जोड़ने के लिए विशेष फैमिलियराइजेशन ट्रिप (फैम ट्रिप) का आयोजन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य प्रतिभागियों को ग्रामीण जीवन, परंपरागत व्यंजन, लोककला, संस्कृति और स्वयं सहायता समूहों के कार्यों से सीधे परिचित कराना रहा।ट्रिप के दौरान मेहमानों ने खेतों की पगडंडियों पर चलते हुए ग्रामीण परिवेश का अनुभव लिया और स्थानीय समुदाय की जीवनशैली को करीब से देखा। प्रतिभागियों में पीलीभीत, प्रयागराज, कन्नौज, फर्रूखाबाद, कानपुर, मथुरा, झांसी, जालौन, आगरा और लखीमपुर खीरी सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि शामिल रहे।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि गांव केवल भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि भारत की जीवंत धरोहर और असली पहचान हैं। ग्रामीण पर्यटन आने वाले समय में भारत की सॉफ्ट पावर साबित होगा और रोजगार व आत्मनिर्भरता का नया मार्ग दिखाएगा।इकिगाई फार्म स्टे के मालिक कर्नल सहाई ने जोर दिया कि ग्रामीण पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत स्थानीय समुदाय की भागीदारी है। वहीं पद्मश्री किसान राम सरन वर्मा ने कहा कि मल्टी-लेयर खेती और फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण पर्यटन के नए अवसर खुलते हैं।विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने कहा कि पर्यटन अब केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आत्मा की तलाश का माध्यम बन चुका है। हर घर और हर कला में पर्यटन इकाई बनने की क्षमता है।प्रयागराज के फूलकली फार्म स्टे के मालिक सार्थक ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अविस्मरणीय यात्रा बताया और यूपी टूरिज्म का आभार जताया।