महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के 500 साल के लंबे और संघर्षपूर्ण इतिहास को दर्शाने वाली फिल्म ‘695 द अयोध्या’ जल्द ही सिनेमाघरों में आएगी। फिल्म का निर्माण शदानी फिल्म्स के बैनर तले हुआ है। यह फिल्म राम भक्तों के बलिदान और संघर्ष की कहानी को बड़े पर्दे पर लेकर आएगी, जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को उनके इतिहास से अवगत कराना है। फिल्म का शीर्षक ‘695’ तीन पवित्र और ऐतिहासिक तारीखों का प्रतिनिधित्व करता है 6 का अर्थ है 6 दिसंबर 1992, जिस दिन अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया था। 9 का अर्थ है 9 नवंबर 2019, जब सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष में फैसला सुनाया था। 5 का अर्थ है 5 अगस्त 2020, जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। फिल्म में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, साधु-संतों और अनगिनत राम भक्तों के संघर्षों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की भूमिका को भी दर्शाया गया है। निर्माताओं के अनुसार, इस फिल्म को बनाने का निर्णय रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्थित शदानी दरबार मंदिर के पीठाधीश्वर संत युधिष्ठिर लाल जी की प्रेरणा से लिया गया। फिल्म का निर्माण एक ऐसी विचारधारा को प्रस्तुत करता है, जो राम भक्तों के 500 वर्षों के बलिदान और संघर्ष को दिखाती है। फिल्म की अधिकांश शूटिंग अयोध्या के विभिन्न स्थानों पर की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के कई कलाकारों और तकनीशियनों ने धार्मिक भावना के साथ योगदान दिया है। फिल्म निर्माण के दौरान लगभग 500 लोगों की टीम ने सहयोग किया, जिसमें कैमरा टीम, लाइट टीम, साउंड टीम, वाहन व्यवस्था और अन्य स्टाफ शामिल थे। इस धार्मिक यज्ञ में सहयोग करने के लिए तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख चंपत राय के मार्गदर्शन के साथ-साथ अयोध्या के डीएम, पुलिस विभाग और संस्कृति धर्मसय विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। फिल्म को पूरे देश के हर गांव और शहर में विभिन्न माध्यमों से प्रदर्शित करने की योजना है।