लखनऊ। सावन मास के आरंभ से पहले उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। राज्य के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मंगलवार को लखनऊ स्थित जल निगम के फील्ड हॉस्टल ‘संगम’ में एक वर्चुअल समीक्षा बैठक कर दोनों विभागों के अधिकारियों को कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि 11 जुलाई से आरंभ हो रही पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और कहीं से भी कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी पूरी सजगता और समन्वय के साथ कार्य करें।मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का पवित्र महीना है, जब लाखों श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से जल भरकर उसे कांवड़ में लेकर शिवालयों में अर्पित करते हैं। यह आस्था का महापर्व है और सरकार का यह संकल्प है कि यह यात्रा पूरी श्रद्धा, स्वच्छता, सुरक्षा और सुगमता के साथ सम्पन्न हो। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की स्थिति, साफ-सफाई, जल व्यवस्था, शौचालयों की उपलब्धता और कचरा प्रबंधन सहित हर व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक बिंदु पर सतर्कता बरतने को कहा।
ऊर्जा विभाग को दिए सख्त निर्देश
ऊर्जा मंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि कांवड़ यात्रा मार्गों, शिवालयों, मंदिरों, पंडालों और शिविरों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विशेषकर रात्रि के समय बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो ताकि रात में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर लगे बिजली के पोल, स्टेवायर और ट्रांसफार्मरों की पहले से जांच कर ली जाए, पोलों को इंसुलेट किया जाए और ट्रांसफार्मर को चारों ओर से बैरिकेड किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना की आशंका न रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिक ऊंचाई वाले डीजे या कांवड़ लेकर चलने वाले श्रद्धालु अगर लटकी हुई विद्युत लाइनों के संपर्क में आ जाएं, तो दुर्घटना हो सकती है। इसलिए पहले से चेतावनी, मार्ग दर्शन और जागरूकता के लिए पंपलेट वितरित किए जाएं। विद्युत पोलों के आसपास झाड़ियों और पेड़ों की छंटाई कराई जाए, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की जाए, और दुर्घटनाओं से सबक लेकर इस बार चूक न हो।
नगर निकायों को दी सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने की हिदायत
नगर विकास मंत्री ने सभी नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा मार्गों को गड्ढा मुक्त किया जाए, सड़कों की मरम्मत समय रहते पूर्ण की जाए और यात्रा मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पंडाल या शिविर बनाए गए हैं, वहां स्वच्छ पेयजल, मोबाइल टॉयलेट, डस्टबिन, सफाईकर्मी और कूड़ा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बन रहे शिविरों और शिवालयों के आसपास की साफ-सफाई, नदी और गंगा घाटों की स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। घाटों पर रात्रिकालीन स्नान और जल भरने के लिए बैरिकेडिंग की जाए ताकि कोई श्रद्धालु गहरे पानी में न जाए और डूबने जैसी घटनाओं से बचाव हो सके। उन्होंने डीसीसीसी के माध्यम से यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी के भी निर्देश दिए।
कांवड़ यात्रा को “जीरो वेस्ट और प्लास्टिक मुक्त” बनाने पर जोर
मंत्री ने कहा कि इस बार की कांवड़ यात्रा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ रखने का संकल्प लिया गया है। नगर निकाय श्रद्धालुओं को जागरूक करें कि वे यात्रा के दौरान प्लास्टिक का उपयोग न करें। पूजा स्थलों से निकलने वाले कचरे और फूलों की उचित निस्तारण व्यवस्था की जाए। नगर निगम अपने-अपने क्षेत्रों में सुबह 5 बजे से 8 बजे तक सफाई अभियान चलाएं और पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मी तैनात किए जाएं।
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए दवाओं का छिड़काव अनिवार्य
उन्होंने बरसात के मौसम को देखते हुए नगर निकायों को संचारी रोगों, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं के छिड़काव के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नदी किनारे, शिवालयों, मंदिरों और पंडालों के आसपास नियमित रूप से फॉगिंग और दवा छिड़काव किया जाए। कहीं पर भी जलभराव न हो और जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनी रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु साइनेज और स्वागत बिंदु बनाए जाएं
उन्होंने सभी निकायों से कहा कि यात्रा मार्गों पर साइनेज, दिशा सूचक बोर्ड, स्वागत बोर्ड और होर्डिंग्स लगाए जाएं। पुराने होर्डिंग्स हटाकर श्रद्धालुओं के स्वागत में नई होर्डिंग्स लगाई जाएं। प्रमुख स्थलों पर स्वागत बिंदु बनाए जाएं जहां श्रद्धालुओं को ठहरने, विश्राम करने और मूलभूत सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा नरेंद्र भूषण, चेयरमैन यूपीपीसीएल आशीष गोयल, एमडी पंकज कुमार, अपर निदेशक नगरीय निकाय ऋतु सुहास सहित नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही सभी नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, डिस्कॉम के एमडी, मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।
मंत्री ए.के. शर्मा ने दो टूक कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और यदि कहीं कोई लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। यह यात्रा प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक समर्पण का प्रतीक बने, यही राज्य सरकार का संकल्प है।