ईद हुई फीकी, धंधा हुआ मंदा, दुकानदारों के चेहरों पर में छाई मायूसी,,,,,

अनुराग लक्ष्य, 29 मार्च
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता।
मार्च के अंतिम सप्ताह में ईद का त्योहार पड़ जाने की वजह से दुकानदारी और दुकानदारों का सारा नेज़ाम उल्टा पुल्टा होने के साथ साथ सारा गणित फेल हो गया। जिससे दुकानदारों में घोर मायूसी और निराशा छाई हुई है। पूरा महीना रमज़ान का गुज़र गया, दुकानदार यही सोचते रहे कि अब मामला ठीक होगा। अब दुकानदारी कुछ बढ़ेगी, लेकिन आखिरी दिनों में भी कोई तब्दीली नहीं हुई। इस बाबत जब अनुराग लक्ष्य मुंबई के संवाददाता सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ने अपनी जांच पड़ताल की तो सच जानकर आपको भी अच्छा नहीं लगेगा।
वारिस फैशन धारावी,,, धारावी के जाने माने थोक एवं फुटकर व्यापारी वारिस फैशन के प्रोपराइटर वाहिद अंसारी का कहना है कि आप यकीन कीजिए, कि जिस माह ए रमज़ान में हमारी दुकानदारी रोज़ की कम से कम 50 हज़ार से लेकर एक लाख रुपए तक हो जाती थी, वोह दुकानदारी आज के दिनों मे 2 हज़ार से लेकर 5 हज़ार के बीच सिमट गई है। कारखाने में सारा माल बनकर तैयार है लेकिन कोई नया आर्डर नहीं, कोई नया पेमेंट नहीं।
रमेश वैष्णव दादर,,, दादर में पिछले 25 वर्षों से रेडीमेड कपड़े के व्यवसायी रमेश वैष्णव ने बताया कि इस ईद ने पूरे महीने बहुत रुलाया। कुछ उम्मीद थी कि आखिरी सप्ताह में हालात कुछ बेहतर हो जाएंगे, लेकिन परिणाम बहुत ही घातक निकला। सारा गणित फेल, सब कुछ उल्टा पुल्टा। समझ से बाहर है कि इस मंदी से बचने का कौन सा रास्ता अपनाएं। लेबर को पगार देने के लिए भी आज सोचना पड़ रहा है।
अशरफ रेडीमेड चीता कैंप,,, कहते हैं क्या सर, समझ से बाहर है सब कुछ, क्या हो रहा है कैसी दुकानदारी, इस ईद का तो अल्लाह ही मालिक है। इसी तरह अंधेरी, गोरेगांव, जोगेश्वरी, बांद्रा के रफीक, श्याम, हफीज भाई सहित संजय पांडे सभी दुकानदारों ने मार्च के आखिरी सप्ताह में ईद पड़ जाने की वजह से इस साल ईद को फीकी बताया।