बहुजन समाज पार्टी की अहम बैठक, संगठन को मजबूत करने के लिए लिए गए बड़े फैसले

Lucknow 
लखनऊ, रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद सुश्री मायावती ने आज लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश सहित देशभर के सभी छोटे-बड़े पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में संगठन की तैयारियों, कैडर के आधार पर जनाधार बढ़ाने और पार्टी को हर स्तर पर मजबूत करने को लेकर गहन समीक्षा की गई। इस दौरान पार्टी और मूवमेंट को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।बैठक में देश में बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर गंभीर चर्चा की गई। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में सरकारी अनदेखी और उदासीनता को लेकर गहरी चिंता जताई गई। हाल ही में संपन्न महाकुंभ में अव्यवस्था, हादसे और हताहत होने की घटनाओं को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। यह कहा गया कि यदि सरकार की ओर से किए गए दावे सही होते, तो महाकुंभ में अव्यवस्था और हादसे न होते। प्रदेश के व्यापक हित और आमजन के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार से कथनी और करनी के अंतर को कम करने की अपील की गई।बैठक में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को लेकर भी सवाल उठाए गए। इसमें कहा गया कि अधिकतर सरकारी दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं और केवल प्रचार तक सीमित हैं। करोड़ों गरीबों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों और अन्य मेहनतकश लोगों के जीवन में अपेक्षित सुधार का अभाव है, जिससे उनकी बदहाली लगातार बढ़ रही है। आमदनी घटने के बावजूद महंगाई आसमान छू रही है, जिससे गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन यापन करना कठिन हो गया है। सरकार की नीतियों को आमजन विरोधी बताते हुए इसे सुधारने की मांग की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। यह कहा गया कि प्रदेश में सरकारी दमन, भेदभाव और अन्याय की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। माननीय न्यायालय की ओर से राज्य सरकार पर बार-बार की जा रही सख्त टिप्पणियों से यह साफ हो गया है कि यूपी में कानून का सही से पालन नहीं हो रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि जब-जब बीएसपी की सरकार रही, तब-तब कानून का राज स्थापित हुआ है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि जनता अब फिर से उम्मीद कर रही है कि बीएसपी की सरकार आएगी, अच्छे दिन लाएगी और बहुजनों के सुनहरे दिन लौटाएगी।बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बीएसपी प्रमुख सुश्री मायावती ने पार्टी और मूवमेंट के हित में बड़ा कदम उठाते हुए श्री आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। वहीं, श्री आनंद कुमार और श्री रामजी गौतम को पूरे देश के लिए पार्टी का राष्ट्रीय समन्वयक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया। इनके कार्यों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
सुश्री मायावती ने यह भी कहा कि जब तक वह जीवित रहेंगी, तब तक पूरी ईमानदारी और निष्ठा से पार्टी और मूवमेंट को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करती रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए पार्टी और मूवमेंट पहले हैं, जबकि निजी रिश्ते-नाते बाद में आते हैं।बैठक में आगामी 15 मार्च को बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक व बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ मंडल के सभी कार्यकर्ता नोएडा स्थित “राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल” में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जबकि लखनऊ, कानपुर और अयोध्या मंडल के कार्यकर्ता लखनऊ में “मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल” पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। यूपी के अन्य मंडलों में विचार संगोष्ठी आयोजित कर पार्टी के कार्यों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। दिल्ली प्रदेश के कार्यकर्ता “बहुजन प्रेरणा केंद्र” में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जबकि अन्य राज्यों में कांशीराम जी की जयंती विचार संगोष्ठियों के रूप में मनाई जाएगी।बैठक के अंत में बीएसपी प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी और मूवमेंट को मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी की हालिया उपचुनाव में हार का जिक्र करते हुए कहा कि सपा और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल बीएसपी ही अंबेडकरवादी नीति और सिद्धांतों पर चलते हुए भाजपा व अन्य जातिवादी दलों को पराजित कर सकती है।बैठक का समापन पार्टी की भविष्य की रणनीति और आगामी चुनावी तैयारियों पर चर्चा के साथ किया गया।