लखनऊ कंटेम्पररी इंडियन आर्ट फेयर’-2025 में समकालीन कला की धारा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार, 9 फरवरी 2025 को ‘लखनऊ कंटेम्पररी इंडियन आर्ट फेयर’-2025 का आयोजन किया गया, जो समकालीन भारतीय कला के नए युग की ओर कदम बढ़ाते हुए एक भव्य कला मेला बना। यह आयोजन फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी और फीनिक्स प्लासियो के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिष्ठित फीनिक्स प्लासियो में आयोजित हुआ, जहां देशभर के 38 समकालीन कलाकारों द्वारा 120 कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुकेश मेश्राम, प्रिंसिपल सेक्रेटरी टूरिज्म एंड कल्चर, डॉ. एस. पी. सिंह, सांसद, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर गैलरी की निदेशक नेहा सिंह, फीनिक्स प्लासियो के निदेशक संजीव सरीन, रंगमंच और फिल्म कलाकार अनिल रस्तोगी, क्यूरेटर भूपेंद्र अस्थाना सहित कई प्रतिष्ठित कलाकार और कला प्रेमी उपस्थित रहे।आर्ट फेयर में बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश जैसे विभिन्न प्रदेशों के कलाकारों द्वारा पेंटिंग, मूर्तिकला, सिरामिक और इंब्रॉयडरी जैसी कला के विभिन्न रूपों को प्रदर्शित किया गया। फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी की निदेशक नेहा सिंह ने बताया कि कला का समाज और मानवता से गहरा संबंध है और इस आयोजन ने कला को एक नए रूप में प्रस्तुत किया है, जो दर्शकों को प्रकृति, सामाजिक मुद्दों और प्रयोगात्मक कृतियों से जोड़ता है।इस प्रदर्शनी में कलाकारों द्वारा प्रदर्शित कृतियाँ प्रेम, प्रकृति, सामाजिक चुनौतियों और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। कलाकार जैसे गोपाल सामंत्रे, सूरज कुमार काशी, संजय राजपूत, उदय गोस्वामी, और अन्य ने अपने चित्रों के माध्यम से कला में नवाचार और संवेदनाओं को प्रस्तुत किया। युवा कलाकारों की कृतियाँ, जैसे श्वेता राय, किशोर कुमार, रोहित कुमार शर्मा और हिफजुल कबीर की कृतियाँ, दर्शकों को गहरे भावनात्मक जुड़ाव का अनुभव कराती हैं।क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना, गोपाल सामंत्रे और राजेश कुमार ने इस आर्ट फेयर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कला समीक्षक जॉनी एम एल और जय त्रिपाठी ने इस आयोजन को भारतीय कला जगत के लिए प्रेरणादायक बताया और समकालीन कला के विकास में इसके योगदान की सराहना की।इस कला मेला में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान और विमर्श भी आयोजित किए गए, जिसमें परंपरा और समकालीन दृष्टिकोणों का मिश्रण दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। फीनिक्स प्लासियो के सीनियर सेंटर डायरेक्टर संजीव सरीन ने कहा कि इस आर्ट फेयर ने फीनिक्स प्लासियो को केवल एक शॉपिंग डेस्टिनेशन से परे एक सांस्कृतिक स्थान के रूप में स्थापित किया है, जो कला की नई दिशा को प्रदर्शित कर रहा है।इस आयोजन से न केवल समकालीन कला को एक नया मंच मिला, बल्कि उत्तर प्रदेश में कला के क्षेत्र में होने वाले शोधात्मक प्रयोगों और इसके प्रचार-प्रसार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए गए हैं।