पाक्सो एक्ट का उल्लंघन करने पर नगर थानाध्यक्ष को सी डब्लू सी ने किया तलब,मांगा स्पष्टीकरण

नाबालिग बच्ची के साथ घटी घटना का सी डब्लू सी ने लिया स्वतः संज्ञान
बस्ती। नाबालिग छात्रा से हुई लैंगिक अपराध की घटना को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने स्वतः संज्ञान लिया है, घटना के बाद बालिका को सी डब्लू सी के समक्ष प्रस्तुत नही करने पर न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने थानाध्यक्ष नगर को स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है।
बताते चलें कि नगर थाना क्षेत्र के एक विद्यालय के प्रबंधक के द्वारा विद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ लैंगिक अपराध की घटना कारित की गई थी,घटना के बाद छात्रा की हालत खराब होने पर परिवार वालों के पूछ ताछ में घटना की जानकारी हुई थी,जानकारी होने के बाद परिजन थाने का चक्कर लगाते रहे लेकिन मुकामी पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करने में काफी हीलाहवाली की थी,जब परिवार वालों के साथ ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया तब जाकर मुकदमा पंजीकृत किया गया था, परिजनों ने बताया कि बालिका अभी भी सदमे में है बार बार बेहोश हो जा रही है। समाचार पत्रों में छपी खबर को स्वतः संज्ञान लेते हुए न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय कुमार श्रीवास्तव, डॉ संतोष कुमार श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी के द्वारा पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन करने पर थानाध्यक्ष नगर को मामले में लापरवाही बरतने के सम्बंध में स्पष्टीकरण तलब किया है। इस सम्बंध में चेयर परशन प्रेरक मिश्रा ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र में घटी घटना में पुलिस ने बालिका को समय से न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत नही किया है, जबकि ऐसे मामले में 24 घन्टे के भीतर प्रस्तुत करना चाहिए ऐसा नहीं करना पाक्सो एक्ट की धारा19(6) का उल्लंघन है। प्रस्तुत नहीं करने से बालिका की काउंसलिंग तथा कई बिधिक प्रक्रिया में बाधा पहुची है।