जनपद में 08 सितम्बर तक निषेधाज्ञा लागू-अपर जिला मजिस्ट्रेट।

संवाददाता अनुराग उपाध्याय।

प्रतापगढ़। श्रावण मास दिनांक 04 जुलाई से प्रारम्भ होकर 31 अगस्त को रक्षाबन्धन के दिन समाप्त होगा, श्रावण शिवरात्रि का मुख्य पर्व दिनांक 16 जुलाई को मनाया जायेगा। दिनांक 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 21 अगस्त को नागपंचमी, 31 अगस्त को रक्षाबन्धन व दिनांक 07 सितम्बर को जन्माष्टमी तथा दिनांक 29 जुलाई को मोहर्रम का त्योहार मनाया जायेगा। इस दौरान आईटीआई, पालीटेक्निक आदि विभिन्न परीक्षायें भी सम्पन्न होनी है। श्रावण मास व अन्य त्योहार पर विशेष सतकर्ता बरते जाने तथा परीक्षाओं को सकुशल, नकलविहीन, शुचिता व निष्पक्षता से सम्पन्न कराने व शांति व्यवस्था एवं परिशांति परिपालित कराने तथा साम्प्रदायिक सद्भाव एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बनाये रखने हेतु अपर जिला मजिस्ट्रेट त्रिभुवन विश्वकर्मा ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत जनपद में 08 सितम्बर 2023 तक निषेधाज्ञा लागू कर दिया है। यह आदेश जनपद के सम्पूर्ण क्षेत्र एवं जनपद में निवास करने वाले तथा जनपद की सीमा में प्रवेश करने वाले समस्त व्यक्तियों पर प्रभावी होगा।

उन्होने बताया है कि एक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का विधि विरूद्ध जमाव प्रतिबन्धित किया जाता है। त्योहार के पावन पर्व पर कोई नई परम्परा नही कायम की जायेगी। कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थानों पर रिवाल्वर, पिस्टल, एक नली बन्दुक व दो नली बन्दूक अथवा घातक हथियार यथा चाकू, बल्लम, फरसा, विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, तेजाब आदि अथवा लाठी, डंडा, हाकी स्टिक आदि या किसी भी प्रकार का हथियार/शस्त्र लेकर नही चलेगा, न तो उसका प्रयोग करेगा। किसी भी सार्वजनिक धार्मिक स्थल पर डीजे, गीत-संगीत आदि की आवाज निर्धारित मानकों से अधिक नही होगी व लाउडस्पीकर का प्रयोग किसी भी दशा में इस प्रकार से नही किया जायेगा जिससे विभिन्न सम्प्रदाय के लोगों में उत्तेजना फैलने की सम्भावना हो। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह किसी भी सार्वजनिक, धार्मिक स्थल पर कोई ऐसी जनसभा, रैली या जुलूस का आयोजन नही किया जायेगा और न ही किसी प्रकार की अफवाह फैलायी जायेगी जिससे विभिन्न समुदाय के लोगों में मनमुटाव, वैमनस्यता या घृणा की भावना उत्पन्न हो। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह कोई ऐसी आलोचना नहीं करेगा जिसकी सत्यता स्थापित न हुई हो या तोड-मरोड़ कर कही गयी बातों पर आधारित हो एवं जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं देगा। मजिस्दों, गिरिजाघरों, मन्दिरों या अन्य पूजा स्थलों को सभा स्थल के रूप में प्रयोग नहीं किया जायेगा और न ही इन स्थानों से जुलूस या रैली निकाली या समाप्त की जायेगी। कोई भी व्यक्ति, व्यक्तियों का समूह किसी प्रकार की नारेबाजी, उत्तेजना फैलाने वाले या सम्प्रदायिक सद्भाव विगाड़ने वाले प्रचार नहीं करेगा। परीक्षा केन्द्रों के आस-पास 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तारक यन्त्रों, ब्लूटूथ एवं आई0टी0 गैजेट्स सहित इसी प्रकार की अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा। जनपद में सम्पन्न होने वाली परीक्षा से सम्बन्धित क्षेत्र में समस्त स्टॉफ/अधिकारी/परीक्षार्थी/मजिस्ट्रेट एवं सुरक्षा बल के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति अथवा समूह परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नही करेगा। परीक्षा केन्द्र के आस पास 200 मीटर की परिधि में फोटो कापियर एवं स्कैनर का संचालन परीक्षा अवधि में पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा। कोई भी परीक्षार्थी बिना परीक्षा सम्पन्न हुये सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना परीक्षा कक्ष से बाहर नही जायेगा और न ही उत्तर पुस्तिका बाहर ले जायेगा। परीक्षा की समाप्ति तक किसी भी अभ्यर्थी अथवा प्रश्न पत्र को परीक्षा केन्द्र से बाहर नही जाने दिया जायेगा। इन आदेशों का अथवा इसके किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।

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