,बहुत याद आयेंगे आप,,,,, देश ने बहुमूल्य रत्न ,रतन टाटा, को खो दिया, लाखों की संख्या में नम आंखों से हुई अंतिम यात्रा,,,,

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अनुराग लक्ष्य, 11 अक्टूबर
सलीम बस्तवी अजीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
जिओ तो इस तरह कि सब कुछ तुम्हारा है,
मरो तो इस तरह कि कुछ भी तुम्हारा नहीं ।
इसी फिलोस्फी को बयां करते हुए देश के मशहूर उद्योग पति रतन टाटा को मुंबई में लाखों चाहने वालों ने उन्हें अपनी नम आंखों से पंच तत्व में विलीन होते हुए देखते रह गए, और रह गई सिर्फ टाटा समूह के रूह ए रवां रत्न टाटा की यादें। जो 86 वर्ष की आयु में दुनिया से अलविदा कह गए।
बुधवार को जब उनके निधन की खबरें मीडिया ने चलानी शुरू की तो देश वासियों को जैसे शॉक लग गया हो। लेकिन कुदरत के फैसले और निजाम से न कोई लड़ पाया है और न लड़ सकता है।
टाटा समूह को विश्व स्तर पर ले जाने वाले स्वर्गीय रतन टाटा का देश में जो योगदान है, उसे शब्दों में व्यक्त कर पाना मुश्किल है। देश को उनके द्वारा दिए गए योगदान का सम्मान करना चाहिए। यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आपको बताते चलें कि इस से पहले भी मुंबई की सड़कों पर तमाम फिल्म स्टार्स, राजनीतिज्ञ, और सेलेब्रिटीज की शव यात्राएं निकली हैं, लेकिन जो प्यार और सम्मान रतन टाटा जी को मिला वोह काबिल ए तारीफ है। समाज से जुड़े हर तबके के लोगों ने रतन टाटा की शव यात्रा में शामिल होकर यह बताया कि वोह पूरे देश की जान थे, मान और सम्मान थे।
मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी देश के ऐसे सपूत को अपनी श्रद्धांजलि कुछ इस तरह से ही दे सकता हूं कि,
,,, इश्क वफा और प्यार मुहब्बत सब कुछ रतन तुम्हारे नाम
सुबह की लाली शाम की रंगत सब कुछ रतन तुम्हारे नाम
ज़िंदा रहेगा नाम तुम्हारा जब तक चांद सितारे हैं
इल्म ओ अदब की इक इक दौलत सब कुछ रतन तुम्हारे नाम,,,