3 नवंबर से 12 नवंबर तक 600 बाल कलाकारों द्वारा होगा श्री रामलीला का मंचन

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी के जन्म का कारक रही गुरु वशिष्ठ की धरा बस्ती में सनातन धर्म संस्था-बस्ती द्वारा होने वाली  श्री रामलीला महोत्सव इस वर्ष अपने पंचम वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। वर्ष 2020 में प्रारंभ हुई श्रीरामलीला अपने अभिनव प्रयासों द्वारा आज राष्ट्रीय फलक पर अपना स्थान बना चुकी है।
श्री रामलीला मंचन द्वारा प्रत्येक काल खंड में सामाजिक समरसता, अनुशासन, आज्ञाकारिता, सदाचार, पारिवारिक मूल्यों, राष्ट्रीयता का भाव जागरण करने का कार्य होता रहा है। सनातन धर्म संस्था-बस्ती का प्रयास, स्थानीय विद्यालयों का सहयोग और जनपद के सभी क्षेत्र के छात्र छात्राओं के समर्पण के कारण ही आज ये महोत्सव जन जन के मानस पटल पर अपनी पहचान बनाने में सफल हो सका है। पुरुषों में उत्तम मर्यादा के पर्याय प्रभु श्री राम के जीवन से जुड़े जितने भी कथानक समाज में जाने जाए हैं, वो सभी सम्पूर्ण समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। इस वर्ष रामलीला में प्रॉक्सिस विद्यापीठ, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, महेश प्रताप इंटर कॉलेज,यूनिक साइंस एकेडमी, सी0डी0ए0 एकेडमी , जी0वी0एम0 कान्वेंट स्कूल, उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी, सरस्वती शिशु मंदिर शिवा कॉलोनी, सेंट जोसफ स्कूल, सावित्री विद्या विहार, जागरण पब्लिक स्कूल, इण्डियन पब्लिक स्कूल, एस0 डी0 एस0 खड़ौहा, पांडेय गर्ल्स इंटर कॉलेज, मां गायत्री इंटर कॉलेज, कप्तानगंज,  राजन इंटरनेशनल एकेडमी, पंडित चतुर्भुज विद्यालय,  कप्तानगंज, ब्लूमिंग बड्स विद्यालय के बच्चे प्रतिभाग करेंगे।
सनातन धर्म संस्था- बस्ती के सदस्य अखिलेश दूबे ने कहा कि संस्था द्वारा श्री राम जी के चरित्र और उनके आचरण को भावी पीढ़ी में पहुँचाने का जो कार्य किया जा रहा है उससे नवीन भारत के निर्माण में सहायता मिलेगी और भारतीय संस्कृति और मूल्यों का जो क्षरण हो रहा है ऐसे में बहुत आवश्यक है कि भावी पीढ़ी में श्री राम जी जैसा आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा और श्रीमद्भगवत गीता जैसा ज्ञान दिया जाये। संस्था पूरा प्रयास कर रही है कि आने वाली पीढ़ी में रामत्व बढ़े और भारत मे पुनः राम राज्य हो।
सुशील मिश्र के नेतृत्व में कार्यक्रम के कुशल संपादन हेतु कार्य विभाजन कर जिम्मेदारी का वितरण कर दिया गया है जिससे कार्यक्रम को और भी भव्य बनाया जा सके।
प्रतिभाग कर रहे सभी विद्यालयों में प्रशिक्षण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।
संस्था के सदस्य कैलाश नाथ दूबे ने कहा कि राम का तो अर्थ ही होता है विश्व के प्रत्येक रोम में प्रकाशित होने वाला प्रकाश  यानी चेतना। तो उसी परम चेतना, परम प्रकाश से प्रार्थना है कि विश्व के कल्याण के लिए विश्व के प्रत्येक रोम में उनका स्फुरण हो जिससे संसार की प्रत्येक देह अयोध्या हो जाए।
अयोध्या अर्थात जिसे युद्ध में जीता ना जा सके।
आप सभी को मायापति श्रीराम के इस मायावी जगत में अवतरण के कारण से लेकर उनके जीवन के बहुत से पलों सहित रामराज्य के दर्शन तक का मंचन श्री रामलीला महोत्सव-बस्ती में देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सँस्था की तैयारी इस बार बड़ी और भव्य है यह आयोजन ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कार्यक्रम को सुंदर बनाने के लिये समाज से सहयोग की अपील की है।