स्वामी रामदेव स्पष्ट करें -आचार्य सुरेश जोशी

🌹 ओ३म् 🌹
🌻 *स्वामी रामदेव स्पष्ट करें*🌻
आज हमारा आर्यावर्त देश अनेक प्रकार के संकटों से जूझ रहा है। *एक ओर हमारी युवा पीढ़ी बेरोजगारी का मार झेल रही है। विदेशी आक्रांताओं ने राष्ट्रीय शांति को उद्वेलित किया है। मजहबी उन्माद राष्ट्र को खोखला कर रहा है। राजनीतिक अस्थिरता देश को दिशा विहीन कर रही है।*
ठीक इसी समय हिंदू संगठन के धर्माचार्य अपने -अपने को *जगद्गुरु घोषित करने पर एक दूसरे संतों पर अमर्यादित टिप्पणी करके* अपने भक्तों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं।
आजकल आदरणीय रामभद्राचार्य जी अपने *बेतुके बयान वाजियों से राष्ट्र को गुमराह* कर रहे हैं।अभी चंद दिनों पहले उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माता।ऋषि परंपरा के आचार्य।देश की आजादी में *गर्म दल और नर्म दल* दोनों की स्थापना कर अहम भूमिका निभाने वाले महर्षि दयानंद सरस्वती जी के प्रति बिना तर्क व प्रमाण के आपत्ति जनक टिप्पणी की। बाद में जब उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने अपने यू ट्यूब चैनल से उस वीडियो को डिलीट कर दिया!
महद आश्चर्य! कि आप उन्होंने एक नया वीडियो अपलोड किया है कि मैं अपने बात पर अटल हूं।वो शास्त्रार्थ करने के लिए भी तैयार हैं।
आर्यों द्वारा दिए सम्मान के विपरीत उन्होंने शास्त्रार्थ की बात कही हैं। हमें स्वीकार है।अब ये वही तय करेंगे कि शास्त्रार्थ कब और कहां होगा? हम वहीं उपस्थित होंगे!
🥝 *आर्यों जागो!*🥝
इस शास्त्रार्थ में हमें वह गल्ती नहीं दुहरानी है जो स्वामी दयानंद सरस्वती जी के समय 🌼 *काशी नरेश की अध्यक्षता 🌼* में हुई थी।काशी नरेश शास्त्रों से अनभिज्ञ। वैदिक दर्शन से अनभिज्ञ व स्वयं भी मूर्ति पूजक थे। इसीलिए महर्षि दयानंद जी *शास्त्र मत से जीतने के बाद भी ध्वनि मत से पराजित* करने का षड़यंत्र किया गया।
हमें यह बात इसलिए लिखनी पड़ी क्योंकि इस वीडियो में रामभद्राचार्य जी कह रहे हैं कि मैं। * *स्वामी रामदेव जी के पतंजलि योग पीठ में जा रहा हूं और वहां वेद से तथा अष्टाध्याई से सिद्ध करुंगा कि राम ईश्वर थे*?
हालांकि कि हमें रामभद्राचार्य जी के विचार से यह विदित होता है कि आदरणीय रामभद्राचार्य जी को *इतिहास विषय का क,ख,ग भी नहीं मालूम है* क्योंकि वेद मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम से पहले के हैं और महर्षि पाणिनि की अष्टाध्याई कलियुग का ग्रंथ है जबकि भगवान श्रीराम त्रेतायुग में थे। खैर मैंने यह क्यो लिखा!उसकी पृष्ठभूमि में बाबा रामदेव जी आते हैं।
🍁* *रामदेव जी सत्य बोलें* 🍁
बाबा रामदेव जी अभी आप *वैदिक मिशनरी गुरुकुल तपोवन मशानी चौराहा मथुरा में* आचार्य स्वदेश जी के वहां गये थे। आपने बृहद आकार वाले सत्यार्थ प्रकाश का विमोचन किया था। फेसबुक पर वीडियो अपलोड हैं। आपने यह भी कहा था कि यदि महर्षि दयानंद सरस्वती जी नहीं होते तो ये रामकृष्ण आज भी खेत में हल चला रहा होता!ऐसा कहकर आपने आर्य समाजियों से अपने लिए सहानुभूति उत्पन्न कराई।अच्छी बात है।
इधर आपका फेसबुक पर दूसरा वीडियो अपलोड हो रहा है जिसमें आपने रामभद्राचार्य जी से कहा है कि मैं आपके चरणों का दास हूं आप जो कहेंगे मैं वहीं करुंगा।इसी आधार पर रामभद्राचार्य जी आर्य समाजियों को चैलेंज कर रहे हैं कि मैं जा रहा है पतंजलि योग पीठ में यह बताने कि *महर्षि दयानंद राम को ईश्वर नहीं मानते वो ग़लत थे और मैं सिद्ध करुंगा वेद व अष्टाध्याई से कि राम ईश्वर हैं*
हमारा रामदेव जी आपसे निवेदन है कृपया आप स्पष्ट कीजिए कि कहीं आप पतंजलि मे भोले -भाले आर्य समाजियों के सामने *काशी नरेश* की भूमिका तो नहीं निभाने जा रहे हैं!
आपको स्पष्ट करना होगा कि आप महर्षि दयानंद सरस्वती के शिष्य हैं या रामभद्राचार्य जी जो महर्षि दयानंद सरस्वती जी का मनगढ़ंत व अशास्त्रीय विधि से विरोध करने में ही पुण्य समझ रहे हैं।
🌳 *आर्यो जागो!*🌳
मैं बाबा रामदेव के मिशन से जुड़े आर्य समाजियों से निवेदन करता हूं कि आप आदरणीय बाबा रामदेव जी से स्पष्ट करायें कि वे *आर्य समाजी हैं, महर्षि दयानंद के शिष्य हैं। वैदिक धर्मी हैं। आदर्शवादी हैं या जो रामभद्राचार्य जी महर्षि दयानंद का अमर्यादित और शास्त्र विधि से हटकर विरोध कर रहे हैं उनके शिष्य हैं?*
यदि नहीं तो फिर आप *वैदिक गुरुकुलम्* के बच्चों को राम ईश्वर हैं इस तरह का अवैदिक ज्ञान क्यों सुनाना चाहते हैं!
महापुरुषों का काम है कि वो जनता को सही पथ दिखायें और गुमराह न करें।जो मन। वाणी। कर्म से एक हैं वो कभी भी महापुरुष नहीं हो सकते।
🪷 *संत वाणी*🪷
कहते हैं करते नहीं।
सो तो बड़े लवार।।
आखिर धक्का खायेंगे।
ईश्वर के दरबार।।१।।
*करनी कथनी भिन्न जहां।*
*धर्म नहीं पाखंड वहां।।*
आचार्य सुरेश जोशी
*वैदिक प्रवक्ता*