जन्मदिवस -आचार्य सुरेश जोशी

🌹🌹ओ३म् 🌹🌹
🪷 *जन्मदिवस*🪷
भारत में वैदिक काल से ही *अवतरण दिवस* को बहुत महत्व दिया जाता है।यह दिन तब और भी एतिहासिक बन जाता है जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक क्षेत्र में कोई व्यक्ति *अविस्मरणीय इतिहास* बनाकर दुनियां को छोड़ देता है। जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम+ योगेश्वर श्रीकृष्ण+ पर्वत निवासी महादेव। इनके जन्मदिन को आज भी लोग 🌸 *श्रीराम नवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व महाशिवरात्रि*🌸 के रूप में आज भी मनाते हैं।
जं साधारण भी इसी अभिलाषा के साथ अपने परिवार के लोगों का जन्मदिन मनाते हैं। आज *श्रीमान देवेन्द्र द्विवेदी परिवार* में प्रथम वर्षीय बालिका 🧘 अनुप्रिया 🧘 का प्रथम जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर 🔥 *वैदिक यज्ञ + महिला संगीत+अतिथि सत्कार के साथ वैदिक चिंतन शिविर भी लगा*🔥
इस अवसर पर जन्मदिन श्रृंखला के विभिन्न अवस्थाओं पर चिंतन दिया गया।
🏵️ *१से ५वर्ष में*🏵️
एक से पांच वर्ष तक के बालक/बालिकाओं को माता-पिता के सहयोग की १००% आवश्यकता होती है। बच्चों को प्रातः काल उठाने का अभ्यास।ओ३म् व गायत्री मंत्र का पाठ उच्च स्वर में अर्थ सहित बच्चों को सुनाना चाहिए।
🏵️ *५से१०वर्ष*🏵️
इन वर्षों में बालक/बालिकाओं को मातृभाषा। देशभक्ति के संस्कार डालने चाहिए।संध्या व योगासन के संस्कार डालने चाहिए।
🏵️ *१० से १५*🏵️
यह बहुत ही महत्वपूर्ण समय है जब बच्चों को उद्दण्डता करने पर यथायोग्य दण्ड देना अनिवार्य है। और बच्चों को कुसंगत से बचाना जरूरी है। यदि इन नियमों की उपेक्षा करके केवल 🪷 *केक काटना/नृत्य करना)डीजे बजाना* ही जन्म दिन का लक्ष्य हो तो फिर वह *संस्कार नहीं मनोरंजन* कहलायेगा।
जन्म दिवस यज्ञ की समाप्ति पर सभी ने बालिका 🧘 *अनुप्रिया द्विवेदी*🧘 को वेद मंत्रों से आशीर्वाद दिया और शांति पाठ से कार्यक्रम को सम्पन्न किया।
आचार्य सुरेश जोशी
🌳 वैदिक प्रवक्ता 🌳
आर्यावर्त साधना सदन पटेल नगर दशहराबाग बाराबंकी उत्तर प्रदेश ☎️ *7985414636*☎️

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *