

अनुराग लक्ष्य, 26 जुलाई
सलीम बस्तावी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता।
कल की कहर ढाती बारिश ने मुंबई वासियों को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया। मुंबई और मुंबई के बाहरी इलाके पूरी तरह नदियों में तब्दील हो चुके हैं।
प्राप्त समाचार के अनुसार मुंबई शहर में जल जमाव की वजह से ट्रैफिक जाम हो गई, साथ ही लोकल ट्रेनों को भी परभावित किया। हर तरह के खतरे से बचने लिए पूरे शहर में NDRF की टीमों को तैनात किया गया है। इस कहर ढाती बारिश ने लोकल ट्रेनों से लेकर निजी परिवहन सेवाओं को मुख्य रूप से पर्भावित कर दिया, जिससे जनता और रोजमर्रा के यात्रियों अपने गंतव्य तक पहुंचने वालों को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं।
मानखुर्द , पनवेल और कुर्ला स्टेशनों के पास रेल ट्रैक पर पानी भरने की वजह से ट्रेनें 20 से 30 मिनट की देरी से चलीं। मालाबार हिल, और मुलुंड में सुबह की एक घंटा बारिश में ही 40 मिमीटर से ऊपर बारिश दर्ज की गई। जबकि कई हिस्सों में जलभराव के कारण बसों के रूट बदल दिए गए।
सबसे दयनीय स्थिति वसई, विरार, नालासुपाड़ा, थाना, मुंब्रा, अंधेरी और पालघर की दिखाई दी। यह इलाके पूरी तरह नदियों में तब्दील हो गए। अंधेरी के सबवे के रास्ते पर पूरी तरह पानी भर जाने की वजह से यात्रियों को अन्य दूसरे रास्तों पर मोड़ दिया गया। मध्य मुंबई के वडाला और माटुंगा में सड़कों पर जलभराव से कई वाहन फंस गए। जिससे राहगीरों को काफी दिक्कत पेश आई।
मौसम विभाग ने पिछले चार दिन के लगातार बारिश के दौरान कई स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक की बारिश दर्ज की। अधिकारियों ने बताया कि मुंबई और उपनगरों में भारी बारिश तथा समुंद्र में ऊंची लहरें उठने के पूर्वानुमान के बीच शहर में किसी भी स्थित से निपटने लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF के तीन दल तैनात कर दिए गए हैं। आपको बताते चलें कि मानखूर्द के नूतन विद्या मंदिर में 224 मिलीमीटर, और AWS स्टेशन में अधिकतम 241 मिलीमीटर और नाद करडी पार्क में अधिकतम 225 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।