इंदौर,29 जून(आरएनएस)। शहर में शुक्रवार सुबह धर्मांतरण का मामला सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद ने धर्म परिवर्तन करने वालों की संख्या 35 से अधिक बताई है। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि मौके पर आधा दर्जन लोग भी नहीं थे। धर्म परिवर्तन करने वालों को मीडिया से बचाकर रखा गया। घूंघट निकाले एक महिला ने मीडिया से कहा कि हम मंदिर-मस्जिद जाते हैं। कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया। विहिप का दावा है कि धर्म परिवर्तन करने वाले सभी लोगों के कलेक्ट्रोरेट में शपथ पत्र दिए हैं। जबकि प्रशासन का कहना है कि हमारे पास धर्म परिवर्तन और इस संबध में होने वाले आयोजन की कोई सूचना नहीं है। मप्र धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक के मुताबिक धर्म परिवर्तन करने के इच्छुक व्यक्ति को 60 दिन पहले सूचना देना जरूरी है। इधर, खजराना गणेश मंदिर में पंडितों की टीम ने पूजा-पाठ और हवन किया। इसके बाद वैदिक पद्धति से सभी का शुद्धिकरण किया गया। मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। विहिप के प्रशासनिक संपर्क प्रमुख संतोष शर्मा ने मीडिया को बताया कि हिंदू धर्म अपनाने वालों ने कलेक्ट्रेट में शपथ पत्र दिया है। इनकी लीगल प्रोसिडिंग करने वाले एडवोकेट अनिल नायडू और राहुल राठौर ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि वे सभी लोग विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत के प्रमुख संतोष शर्मा के नेतृत्व में हिन्दू धर्म अपना रहे हैं। हालांकि कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि हमें धर्म परिवर्तन के बारे में नियमानुसार कोई सूचना या आवेदन नहीं मिला है। विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत के प्रमुख संतोष शर्मा ने दावा किया कि मंदिर में हिंदू धर्म अपनाने के लिए अभी और भी लोग पहुंच रहे हैं। ये सभी इंदौर और आसपास के इलाकों में रहने वाले हैं।