अनुराग लक्ष्य, 26 जनवरी
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता ।
,,,, है जो अपने मुल्क की कैसे सदाकत छोड़ दूं
मैं शहीदों की यहां कैसे शहादत छोड़ दूं
आप भी मेरी तरह गर हैं सिपाही मुल्क के
तो बोलिए कैसे तिरंगे की हिफाज़त छोड़ दूं ,,,,,
हिंदुस्तानी आवाम के बीच हर साल स्वतंत्रा दिवस और गणतंत्र दिवस शायद इसी लिए आता है कि हम देश के बलिदान और शहीदों की गौरव मयी गाथा को कभी भुला ना सकें।
आज पूरा देश गड़तंत्र दिवस की 75 वें उत्सव का जश्न पूरे जोश ओ खरोश के साथ माना रहा है। जहां एक तरफ सरकारी कार्यालयों में झंडा रोहड़ का उत्साह देखने को मिला, वही दूसरी तरफ प्राइवेट संस्थाओं, स्कूलों और मुहल्लों समेत मुंबई के बाजारों में तिरंगे की छटा आंखों में चमक पैदा कर रही थीं।
धारावी पुलिस चौकी के झण्डा रोहड का दृश्य बड़ा ही मनमोहक दिखा। इसी के साथ 90 फीट पर यूसुफ शेख और इम्तियाज शेख के संरक्षण में झंडारोहण कार्यकरम भी आकर्षण का केंद्र रहा ।