यह भी पता चला है कि पूर्व के दिनो में दूसरे जनपदों से भी बंदरों को लाकर यहां छोड़ा गया है। झुण्ड के झंण्ड बंदरों ने गली मोहल्लों में लोगों का जीवन असहज बना दिया है और आये दिन हमला कर लोगों को घायल कर रहे हैं। राह चलते हाथों से पॉलीथीन बैग, झोले छीनकर भाग जाना आम बात है। बंदरों के दौड़ाने से कई लोग घर की छतों से कूदकर घायल हैं और महीनों से उनका इलाज चल रहा है। सैकड़ों की संख्या में आये बंदर आये दिन बाग बगीचे और गमलों को तहस नहस कर देते हैं। उन्होने बंदरों के आतंक से नागरिकों को मुक्ति दिलाने की मांग किया।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने खराब सड़कों की ओर मण्डलायुक्त का ध्यान खींचते हुये कहा नगरपालिका क्षेत्र की दो प्रमुख सड़कें मालवीय रोड सुबाष तिराहे से लेकर रेलवे स्टेशन तक तथा ब्लाक रोड रौता चुलिस चौकी से लेकर बड़ेवन तक लम्बे अरसे से से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा तथा अनुमोदन के बावजूद सुबाष तिराहे से लेकर रेलवे स्टेशन तक की सड़क गड्ढा मुक्त नही हुई। इतना ही नही मालवीय रोड में बने डिवाइडर टूटकर राहगीरों को चोटिल कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा मानकविहीन निर्माण होने के कारण डिवाडर टूट रहे हैं और इनका मलबा सड़क पर बिखरा रहता है जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है।
मालवीय रोड पर सुबाष तिराहे से लेकर रेलवे स्टेशन तक अनेक रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। पथ प्रकाश की कमी के चलते दुर्घटनायें हो रही हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं। नगरपालिका क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर रोजाना लोगों को जाम से परेशान होना पड़ता है। वैध होर्डिगों को हटाये जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई और इसे तत्काल रोकने की मांग की गई। मण्डलायुक्त से मिलने वालों में उपरोक्त के अलावा विजय श्रीवास्तव, नोमान अहमद आदि मौजूद रहे। ज्ञापन में बंदरों को पकड़वाकर जंगल में छोड़ने, मालवीय रोड तथा ब्लाक रोड को गड्ढा मुक्त कराने तथा रोड लाइटों की मरम्मत कराने के साथ साथ चौराहों पर यातायात को नियंत्रित करने हेतु ट्राफिक लाइटें लगवाने की मागें शामिल हैं।