अनुराग लक्ष्य, 24 अक्टूबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुंबई संवाददाता ।
अच्छाई पर बुराई की जीत परंपरा इस वर्ष भी दशहरा के रूप में पूरी मुंबई में दिखाई पड़ी।
शाम होते ही माता रानी की मूर्तियां अपने अपने पांडालों से निकल कर शहर की सड़कों को शोभायमान कर रही हैं।भक्त अपनी अपनी मूर्तियों को लेकर गाजे बाजे के साथ झूमते गाते, खुशियां मनाते, माता के जयकारे के साथ विसर्जन के लिए निकल पड़े हैं।
पुलिस प्रशासन मुस्तैद दिखाई पड़ रही है। इस बार मुंबई के मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम और जुलूस में तरह तरह के अखाड़े अपने नायाब करतब भी दिखा रहे हैं जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
राजनैतिक, समाज सेवी तथा आम आदमी भी इस विसर्जन में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका में नजर आए।
धरावी,माटुंगा, दादर، माहिम, सैंडुस रोड, बॉम्बे सेंट्रल, सी एस टी , शिवडी, एंटोफील, वडाला, कुर्ला, कांजूर मार्ग, मानखुर्ड, गोवन्दी, चेंबूर, थाने, बोरीवली, कांदिवली, गोरेगांव, मलाड, अंधेरी, राम मंदिर, जोगेश्वरी, रेरोड़, बांद्रा सहित पूरी मुंबई भक्त जनों के जयकारों के साथ अपने अपने गंतव्य के और परस्थान करते नज़र आए।
समाचार लिखे जाने तक कहीं से कोई अपिर्य घटना के समाचार नहीं है। पुलिस बल चारों तरफ मुस्तैदी से तैनात है। वैसे भी मुंबई पुलिस अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाना जानती है इसलिए यह कहा जा सकता है मुंबई बहोत ही जागरूक और खूबसूरत है।