बालिकाओं के मेडिकल परीक्षण में लापरवाही बरतने वाले उप निरीक्षक को सी डब्लू सी ने किया प्रतिबंधित

 

बस्ती। लालगंज थाने की दो नाबालिग बहनों के मेडिकल परीक्षण में लापरवाही बरतने वाले दरोगा को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने आदेश की तिथि से 6 माह के लिए न्याय पीठ में प्रतिबंधित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख कर कहा है कि इस उप निरीक्षक को बाल अधिनियम का अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाय, जब तक उप निरीक्षक का प्रशिक्षण पूरा ना हो तब तक उसे बाल अधिनियम से संबंधित गंभीर वा संवेदन शील विवेचनाए ना दी जाय।
बताते चलें कि उक्त थाना क्षेत्र की दो नाबालिग बहनों के अभिभावक ने न्याय पीठ एवम बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी थी कि मेरी दो नाबालिग बहनों को कुछ लोगों के द्वारा बहला फुसलाकर भगा लिया गया है, शिकायत को संज्ञान में लेकर सी डब्लू सी ने मुकामी थाने को बालिकाओं को न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया, पुलिस ने बालिकाओं को लगभग चार माह के बाद बालिकाओं को न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया, न्याय पीठ के सदस्य अजय श्रीवास्तव के द्वारा आदेश दिया गया की बालिकाओं का मेडिकल परीक्षण करवा कर पुनः बालिकाओं को न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया जाय। उप निरीक्षक ने मनमानी करते हुए बालिकाओं का मेडिकल परीक्षण चार दिन बाद कराया। जबकि बालिकाओं को बरामद होने पर मेडिकल परीक्षण शीघ्र करवाना चाहिए था। इतना ही नहीं उप निरीक्षक ने बालिकाओं को माता पिता को देने के बजाय आरोपियों को ही सौप दिया था। इस बात को गम्भीरता से लेते हुए न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा सदस्य अजय श्रीवास्तव, डा संतोष श्रीवास्तव ने निर्णय लिया और मामले से संबंधित पत्र पुलिस अधीक्षक को लिखा है। अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने कहा कि सीडब्लूसी के लिए बाल हित सर्वोपरि है बाल हित के साथ किसी को खिलवाड़ नही करने दिया जाएगा।

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