– मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने जलसे को किया संबोधित
लखनऊ।बिल्लौचपुरा में स्थित राॅयल पैलेस में कायनात के आखरी नबी हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जिन्हें अल्लाह ने रहमतुललील आलामीन बना कर भेजा जिनके सदक़े में हमें दीन मिला और राहे खुदा भी मिली।उनके लिए हाजी मो अतीक मेमोरियल फाउंडेशन की जानिब से जलसा ए सीरतुन्नबी व सीरत ए सहाबा के उन्वान से हाजी मो इरफान कुरैशी की ज़ेरे सरपरस्ती और मौलाना मिनहाजुद्दीन नदवी की सदारत में किया गया।जलसे का आग़ाज़ यसा मिन्हाज ने तिलावत ए कलाम ए पाक से किया।मेहमान ए ख़ुसुसी मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने अपनी जामे और मानाख़ेज़ तकरीर से लोगों को बेदार किया। उन्होंने कहा कि हमें आज के इस दौर में इस तरह के जलसों को करने की ज़रूरत है और सीरत ए नबी को समझने और उस पर अमल करने की बहुत ज़रूरत है ताकि हमारे समाज और मुल्क में अमन कायम हो सके।इस मौके पर मौलाना अनवारूल हक़ क़ासमी ने सीरतुन्नबी के साथ साथ बुनियादी मसाएल और आख़िरत की फ़िक्र पर ज़ोर दिया।मौलाना सुफियान निजामी ने हालात हजरा बात करते हुए कहा कि हमें इस वक्त नबी की सीरत और सहाबा किराम की इत्तेबा करने की बहुत ज़रूरत है वरना हमारा मुआशरा ग़फलत से बेदार न हो पाएगा।हमे बुराइयों और गुनाहों से सिर्फ और सिर्फ एक अल्लाह की ज़ात पर यक़ीन और नबी की सुन्नत पर अमल ही बचा पाएगा।इस खूबसूरत और मुबारक महफिल में शहर की कई मशहूर ओ मारूफ अनजूमनों ने महफिल ए नबी में नात ओ मन्क़बत का नज़राना पेश किया, इस मौके पर शहर की मारूफ अदबी शख्सियत ख़ान अदीब ख़ान,अमन शांति समिति के अध्यक्ष इमरान कुरैशी, मो हसीन,शाहफीन कुरैशी, मो सलमान, हसन क़दीर,अब्दुल अहद,मो मोईन, मो इरशाद, मो अतीक,ऐनुल कुरेशी,मो मुदीर ने मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, मौलाना सुफियान निजामी मौलाना अनवर उल हक कासमी मौलाना कुरैशी नदवी का फूलों से इस्तकबाल किया।जलसे समाजसेवी और पत्रकार अब्दुल वहीद,अजीज सिद्दीकी,नज़म अहसन,शहाबुद्दीन कुरैशी,रहनुमा कुरैशी,शबाब नूर,सरफराज जाहिद,आमिर मुख्तार,जमील मालिक मो इजराइल कुरैशी सहित क्षेत्र की कई सम्मानित हस्तियां मौजूद रहीं।