-अवध विश्वविद्यालय ने रचा नया कीर्तिमान, सभी घाटों पर 30 लाख से अधिक दीपों को बिछाने का कार्य पूर्ण
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दीपोत्सव-2026 की ऐतिहासिक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। आज देर शाम तक राम की पैड़ी सहित सभी निर्धारित घाटों पर 30 लाख से अधिक दीपों को बिछाने (सजाने) का वृहद कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया। विश्वविद्यालय के हजारों स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा, अनुशासन एवं अदम्य ऊर्जा के साथ अनवरत डटकर निर्धारित समयसीमा के भीतर इस विशाल लक्ष्य को सिद्ध किया। सभी 56 घाटों पर दिए बिछाने का कार्य पूर्ण कर स्वयंसेवकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। दीपोत्सव स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। तैयारियों की पूर्णता को परखने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी घाटों का सघन निरीक्षण किया। कुलपति ने घाटों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दिन-रात परिश्रम कर रहे स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि दीपोत्सव हमारी सनातन संस्कृति, एकजुटता और राष्ट्र के गौरव को विश्व पटल पर आलोकित करने का महायज्ञ है। 30 लाख से अधिक दीपों को निर्धारित समय में सुसज्जित करना एक हिमालयी लक्ष्य था, जिसे हमारे युवा स्वयंसेवकों ने अपने कठोर परिश्रम, अटूट आस्था और अनुशासन से संभव कर दिखाया है। हमारे छात्र-छात्राओं की यह ऊर्जा और समर्पण ही इस आयोजन की वास्तविक आत्मा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि जब ये तीस लाख दीप एक साथ प्रज्वलित होंगे, तो अयोध्या की यह दिव्य आभा संपूर्ण विश्व को शांति, सद्भाव और अंधकार पर प्रकाश की विजय का शाश्वत संदेश देगी। नोडल अधिकारी प्रो. एस.एस. मिश्र ने बताया कि सुनियोजित रणनीति और स्वयंसेवकों के समर्पण से आज देर शाम तक दीपों को बिछाने का संपूर्ण लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। 7 नवम्बर सुबह से सभी घाटों पर दीप प्रज्वलन के लिए दीपों में तेल और बाती लगाने का कार्य किया जाएगा। दीपोत्सव की अलौकिक भव्यता को निहारने और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में पर्यटक घाटों पर उमड़ पड़े हैं। दीपों की रंगोली के पैटर्न को देखकर देख पर्यटक अचंभित हो रहे हैं। भ्रमण के दौरान विदेशी व देशी पर्यटक घाट-घाट पर रुककर स्वयंसेवकों से संवाद और विमर्श करते हुए दिखाई दिए तथा इतनी बड़ी संख्या में कतारबद्ध सजाए गए दीपों की कलात्मकता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। दीपोत्सव के मुख्य समारोह में उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत सुदृढ़ और अभेद्य बना दिया है। संपूर्ण मेला क्षेत्र एवं सभी घाटों पर भारी संख्या में पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रख रहा है ताकि यह विश्वस्तरीय आयोजन पूर्णतः सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।