महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। तीर्थंकरों और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जन्मभूमि अयोध्या धाम में देश की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के 75वें संयम दिवस और 93वीं जन्म जयंती (शरद पूर्णिमा) के अवसर पर 25 से 27 अक्टूबर तक तीन दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पूज्य ज्ञानमती माताजी के सानिध्य, प्रज्ञा श्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी के मार्गदर्शन एवं अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्ति श्री रवींद्र कीर्ति स्वामी जी के निर्देशन में होगा। इस दौरान तीस चौबीसी जिन मंदिर शिखर कलशारोहण एवं सरस्वती ज्ञान आराधना महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा 25 अक्टूबर: अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन सर्वजातीय महासंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन तीन सत्रों में आयोजित होगा। 26 अक्टूबर (शरद पूर्णिमा): प्रातः भगवान ऋषभदेव की बड़ी प्रतिमा का मस्तकाभिषेक, ध्वजारोहण, ज्ञानमती पुरस्कार समर्पण सभा, मंदिर शिखर पर कलशारोहण और जन्म जयंती विनयांजलि सभा होगी। सायंकाल 108 इंद्र-इंद्राणियों द्वारा सरस्वती ज्ञान आराधना, महाआरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसी दिन युवा परिषद द्वारा निर्मित ‘जैन जाति विवाह ऐप’ का भी उद्घाटन किया जाएगा। 27 अक्टूबर: प्रातः महमस्तकाभिषेक के उपरांत भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।
देशभर से जुटेंगे श्रद्धालु
दिगंबर जैन अयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी के महामंत्री अमरचंद सराफ और मंत्री विजय कुमार जैन ने बताया कि समारोह में स्वस्ति श्री अरिहंत भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी (भरूच) की विशेष उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश जैन (कुलाधिपति, मुरादाबाद) करेंगे।
आयोजन में जम्बू प्रसाद जैन, जे.सी. जैन, गजराज जैन गंगवाल समेत देश के विभिन्न प्रांतों से भारी संख्या में श्रद्धालु और जैन संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल होंगे। तीर्थ क्षेत्र कमेटी द्वारा बाहर से आने वाले सभी अतिथियों व भक्तों के आवास एवं भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई है।