महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या।शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति अयोध्या मंडल की शक्ति वाहिनी की एक महत्वपूर्ण बैठक छोटी देवकाली मंदिर परिसर में आयोजित की गई। शक्ति वाहिनी प्रमुख बिंदु सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी 10 अक्टूबर को परंपरागत कलश यात्रा निकालने का, सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। यह ऐतिहासिक यात्रा दोपहर 2:30 बजे लता मंगेशकर चौराहे के सामने स्थित संत तुलसीदास घाट से आरंभ होगी। यात्रा का 26वां ऐतिहासिक आयोजन शक्ति वाहिनी प्रमुख बिंदु सिंह ने जानकारी दी कि इस वर्ष कलश यात्रा का यह 26वां आयोजन है, जो अपनी भव्यता और परंपरा के लिए खास माना जाता है। इसमें भारी संख्या में माताएं, बहनें और श्रद्धालु भाग लेंगे। यात्रा के दौरान सभी निर्धारित नियमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का पूर्ण पालन किया जाएगा। सरयू तट से होगी शुरुआत, हनुमानगढ़ी तक जाएगी यात्रा समिति के प्रवक्ता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि कलश यात्रा की शुरुआत मां सरयू के तट पर वरुण आह्वाहन के साथ होगी। इसके बाद यह यात्रा। नया घाट से होते हुए श्रृंगार घाट पहुंचेगी। वहां से आगे बढ़कर हनुमानजी के द्वार (हनुमानगढ़ी) पहुंचेगी। अंत में छोटी देवकाली मंदिर में पूजन-अर्चन और प्रसाद वितरण के साथ यात्रा का समापन होगा। इस दौरान महिलाएं कलश लेकर अपने घरों में प्रस्थान करेंगी और विधि-विधान से मां दुर्गा की स्थापना व पूजा-अर्चना करेंगी।
प्रशासनिक असहयोग पर जताई चिंता, पर उत्साह बरकरार
समिति के अध्यक्ष रमापति पांडेय ने कहा कि इस वर्ष नगर निगम और प्रशासन की ओर से अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण कुछ व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं, फिर भी केंद्रीय समिति सभी दुर्गा पूजा समितियों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए निरंतर प्रयासरत है। समिति के संयोजक महंत धनुषधारी शुक्ला ने बताया कि पिछले वर्ष अयोध्या नगर क्षेत्र में लगभग 67 स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया था। इस वर्ष भी लगभग इतनी ही समितियां अपने निर्धारित स्थलों पर तय मानकों के अनुरूप हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाएंगी। बैठक में पार्वती कौशल, नीलम श्रीवास्तव, प्रभावती, अनीता मिश्रा, मिंटू तिवारी, यशोदा देवी, गरिमा आचार्य, शीला और सुशीला सहित दर्जनों गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।